राधाष्टमी तक बदलेगा डल झील का स्वरूप, वर्षों बाद हो सकेगा शाही स्नान
धर्मशाला, 28 अगस्त (हि.स.)। पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज के नड्डी स्थित ऐतिहासिक डल झील का स्वरूप राधाष्टमी तक निखरने वाला है। वर्षों से अधूरे पड़े सौंदर्यीकरण कार्य के अब अंतिम चरण में पहुंचने से इस बार राधाष्टमी पर डल झील में शाही स्नान होने की उम्मीद जगी है। मिनी मणिमहेश के नाम से पहचान रखने वाली इस झील से हजारों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है। लंबे समय से सौंदर्यीकरण कार्य लटका होने के कारण स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
इन दिनों झील के सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। झील के किनारों को व्यवस्थित करने के साथ घाट निर्माण का काम भी प्रगति पर है। झील में लंबे समय से पानी के रिसाव और गाद जमा होने की समस्या बनी हुई थी। रिसाव रोकने के साथ गाद निकालने का काम किया गया है। अब झील में पानी ठहरने लगा है। जहां से झील के पानी की निकासी होती है, वहां एक चैंबर का निर्माण भी किया जाना है। घाट का काम पूरा होने के बाद चैंबर बनाया जाएगा। झील के किनारों पर जरूरत के अनुसार क्रेट भी लगाए गए हैं।
राधाष्टमी पर्व को देखते हुए कार्य में तेजी लाई गई है। प्रदेश सरकार की ओर से डल झील किनारे महाआरती करवाने की योजना भी है। इसके अलावा झील किनारे स्थित प्राचीन बावड़ी के पानी को भी झील तक पहुंचाने की तैयारी है। सौंदर्यीकरण का कार्य बीडीओ कार्यालय धर्मशाला की ओर से करवाया जा रहा है। राधाष्टमी पर डल झील में हजारों श्रद्धालु शाही स्नान के लिए पहुंचते हैं। स्नान के बाद श्रद्धालु झील किनारे स्थित प्राचीन दुर्वेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं। मिनी मणिमहेश के रूप में प्रसिद्ध डल झील में शाही स्नान को लेकर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। ऐसे में वर्षों बाद झील के बेहतर स्वरूप में आने और शाही स्नान की तैयारी पूरी होने से श्रद्धालुओं में उत्साह है। बरसात के कारण सौंदर्यीकरण कार्य में कुछ देरी जरूर हुई है, लेकिन अब मुख्य काम लगभग पूरा होने वाला है।
बीडीओ धर्मशाला अभिनीत कात्यायन ने बताया कि मौसम साफ रहा तो करीब एक सप्ताह में सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। चैंबर बनाने में करीब दो दिन का समय लगेगा। मौसम अनुकूल रहने पर इसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि झील किनारे स्थित पुरानी बावड़ी के पानी को झील में लाने की भी योजना है। झील किनारे दुकान चलाने वाले बादल ने बताया कि सौंदर्यीकरण का काम करीब दो वर्ष से चल रहा है। पहले झील की स्थिति खराब थी और पानी के रिसाव के कारण पर्यटक यहां आकर निराश होते थे। अब रिसाव की समस्या दूर होने के बाद झील में पानी ठहरने लगा है। झील में पानी देखकर पर्यटकों में भी उत्साह नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से लटका काम पूरा होने के बाद इस बार राधाष्टमी पर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और डल झील में शाही स्नान पहले से अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

