उपभोक्ता आयोग ने लैपटॉप कंपनी को दिए राशि सहित मुआवजा देने के आदेश

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धर्मशाला, 08 मई (हि.स.)

जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए लैपटॉप निर्माता कंपनी को खरीद राशि लौटाने और मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। मामले के अनुसार नगरोटा बगवां निवासी अमन ने 24 अप्रैल 2024 को 55 हजार रूपए में एचपी विक्टस लैपटॉप खरीदा था। खरीद के कुछ समय बाद ही लैपटॉप की स्क्रीन पर पर्पल लाइन आने लगी और डिवाइस बार-बार काम करना बंद करने लगा।

शिकायतकर्ता ने वारंटी के तहत समस्या के समाधान की मांग की, लेकिन कंपनी ने न तो लैपटॉप को ठीक किया और न ही उसे बदला। शिकायतकर्ता ने इसे सेवा में कमी बताते हुए उपभोक्ता आयोग में मामला दायर किया। सुनवाई के दौरान कंपनी ने मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट से इनकार किया, जबकि विक्रेता ने खुद को केवल विक्रेता बताते हुए जिम्मेदारी से अलग कर लिया। आयोग ने रिकॉर्ड और साक्ष्यों के आधार पर पाया कि वारंटी अवधि के दौरान ही कंपनी द्वारा डिस्प्ले बदलने के लिए 30 प्रतिशत छूट की पेशकश करना इस बात का संकेत है कि लैपटॉप में खराबी थी। साथ ही, कंपनी यह साबित करने में भी विफल रही कि डिवाइस में कोई दोष नहीं था। आयोग ने इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार मानते हुए शिकायत को स्वीकार कर लिया।

आदेश में आयोग के अध्यक्ष हेमांशू मिश्रा, सदस्य आरती सूद तथा नारायण ठाकुर निर्माता कंपनी को 55 हजार रूपए की राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा 7,500 रूपए मानसिक उत्पीड़न के लिए और 7,500 रूपए मुकदमे के खर्च के रूप में देने को कहा गया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि भुगतान के बाद कंपनी को लैपटॉप वापस लेने की अनुमति होगी। वहीं विक्रेता के खिलाफ कोई विशेष जिम्मेदारी तय नहीं की गई।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

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