48 वर्ष की उम्र में अनुराग शर्मा को मिली दो अहम जिम्मेदारियां

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48 वर्ष की उम्र में अनुराग शर्मा को मिली दो अहम जिम्मेदारियां


धर्मशाला, 05 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस ने कांगड़ा के युवा नेता अनुराग शर्मा को प्रत्याशी घोषित किया है। कई दिग्गज दावेदारों को दरकिनार करते हुए पार्टी हाईकमान ने यह फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के करीबी अनुराग शर्मा को उनकी ओर से यह दूसरा तोहफा है। कुछ समय पूर्व ही अनुराग शर्मा को पार्टी ने प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा का अध्यक्ष बनाया था।

कांगड़ा जिला के बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र के बीड़ से संबंध रखने वाले युवा नेता अनुराग शर्मा की संगठन में भी अच्छी पैठ रही है। वहीं इस निर्णय से कांगड़ा को मंत्रिमंडल में कोई बड़ी अहमियत नही मिलने के चलते भी मुख्यमंत्री ने जिला के नेताओं व कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने का प्रयास किया है। सबसे अहम यह है कि इससे पूर्व भाजपा ने भी बैजनाथ से ही अपनी प्रतयाशी इंदु गोस्वामी को राज्यसभा के लिए भेजा है। उसी तर्ज पर कांग्रेस ने भी बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र से ही अपना प्रत्याशी दिया है।

गौर हो कि हिमाचल से राज्यसभा जाने के लिए कई दिग्गज टिकट के लिए जोर लगा रहे थे लेकिन मुख्यमंत्री की पहली पसंद रहे अनुराग शर्मा को पार्टी हाईकमान ने प्रत्याशी बनाकर सबको चौंका दिया है।

संगठन में अनुराग शर्मा का योगदान

वहीं अगर बात अनुराग शर्मा के संगठन में योगदान की करें तो वह छात्र संगठन एनएसयूआई से लेकर राज्य कांग्रेस कार्यकारिणी में भी शामिल रहे हैं।

वर्ष 1994 पार्टी में पहली बार एनएसयूआई के जिला महासचिव बने। इसके बाद वर्ष 1996 से 2001 एनएसयूआई के राज्य महासचिव के पद पर रहे। वहीं वर्ष 2002 से 2006 तक जिला युवा कांग्रेस महासचिव, 2006 से 2010 तक हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस महासचिव तथा 2014 से 2019 तक हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी में संयुक्त सचिव के पद पर रहे। इसके अलावा हाल ही में उन्हें कांगड़ा जिला का कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा अनुराग शर्मा बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। ऐसे में 29 अगस्त 1978 को जन्में अनुराग शर्मा को महज 48 वर्ष की उम्र में पहले कांगड़ा जिला अध्यक्ष का पद मिला वहीं अब राज्य सभा के लिए भी पार्टी के प्रत्याशी बन चुके हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

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