बड़ा भंगाल में रात बिताने वाले पहले मुख्यमंत्री बने सुक्खू, मुख्यमंत्री के दौरे से बड़ा भंगाल वासी हुए गदगद

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बड़ा भंगाल में रात बिताने वाले पहले मुख्यमंत्री बने सुक्खू, मुख्यमंत्री के दौरे से बड़ा भंगाल वासी हुए गदगद


बड़ा भंगाल में रात बिताने वाले पहले मुख्यमंत्री बने सुक्खू, मुख्यमंत्री के दौरे से बड़ा भंगाल वासी हुए गदगद


बड़ा भंगाल में रात बिताने वाले पहले मुख्यमंत्री बने सुक्खू, मुख्यमंत्री के दौरे से बड़ा भंगाल वासी हुए गदगद


धर्मशाला, 28 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल दौरे से क्षेत्र के लोगों में उत्साह का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2011 के बाद पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल का दौरा किया है। अहम यब है कि यह पहला अवसर है जब किसी मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल में रात्रि प्रवास किया है। ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं और दिए गए निर्देशों से बड़ा भंगाल के विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने पहना गद्दी समुदाय का पांरपरिक 'चोला डोरा'

उधर बड़ा भंगाल के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री पूरी तरह स्थानीय संस्कृति और परंपराओं में रंगे नजर आए। उन्होंने पारंपरिक वेशभूषा ‘चोला-डोरा’ धारण कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया तथा स्थानीय लोगों के साथ पारंपरिक लोकनृत्य में भी सहभागिता की।

मुख्यमंत्री ने किया किसानों के खेतों के दौरा

मुख्यमंत्री ने स्थानीय किसानों के खेतों का दौरा कर उनकी समस्याओं को नजदीक से समझा। उन्होंने किसानों से राजमाह की खेती के उत्पादन और विपणन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की तथा भेड़पालकों की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशभर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है तथा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने ऊन का समर्थन मूल्य 100 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है, जिससे भेड़पालकों और स्थानीय किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बड़ा भंगाल के लोग भी सरकार की इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

प्राकृतिक खेती को दिया जा रहा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने ‘राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना’ लागू की है। इसके तहत प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्का का 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलोग्राम तथा पांगी घाटी में उत्पादित जौ का समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है। इसके अतिरिक्त हल्दी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है, जबकि अदरक के लिए 30 रुपये प्रति किलोग्राम का समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। इस अवसर पर स्थानीय विधायक किशोरी लाल, उपायुक्त हेमराज बैरवा तथा पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

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