महाराणा प्रताप का साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति आज भी कर रहे हैं पीढ़ियों को प्रेरित : मुख्यमंत्री

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महाराणा प्रताप का साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति आज भी कर रहे हैं पीढ़ियों को प्रेरित : मुख्यमंत्री


धर्मशाला, 17 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने जिला कांगड़ा के महाराणा प्रताप इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, पठियार में इंडोर स्टेडियम के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उन्हें त्याग, स्वाभिमान, स्वतंत्रता और राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक बताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया तथा स्मृति-चिन्ह (स्मारिका) का विमोचन भी किया।

कांगड़ा जिला के धर्मगिरि पठियार में महाराणा प्रताप की 487वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक निर्भीक योद्धा ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता भी थे, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने हल्दीघाटी के युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि यह युद्ध आज भी साहस, बलिदान तथा स्वतंत्रता एवं सम्मान के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक बना हुआ है।

उन्होंने प्रदेश की समृद्ध देशभक्ति की परंपरा का उल्लेख करते हुए मेजर सोमनाथ शर्मा, कर्नल डी.एस. थापा, कैप्टन विक्रम बत्रा तथा सूबेदार मेजर संजय कुमार जैसे वीर सैनिकों के बलिदान को स्मरण किया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जुब्बल के फ्लाइट लेफ्टिनेंट अर्शवीर सिंह ठाकुर द्वारा प्रदर्शित अद्वितीय साहस की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के हितों की रक्षा और राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के सतत् प्रयासों से 422 मेगावाट क्षमता वाली किशाऊ बांध परियोजना का मार्ग प्रशस्त हुआ है। भारत सरकार ने परियोजना से लाभान्वित होने वाले राज्यों द्वारा हिमाचल प्रदेश के विद्युत् घटक पर होने वाली लगभग 2,000 करोड़ रुपये की लागत को वहन करने पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है, जिससे राज्य पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ काफी कम होगा। उन्होंने कहा कि परियोजना पूर्ण होने पर राज्य को प्रतिवर्ष लगभग 100 करोड़ यूनिट बिजली प्राप्त होगी, जिससे करीब 600 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व अर्जित होने की संभावना है।

शिक्षा क्षेत्र में हो रहे सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने शत-प्रतिशत साक्षरता हासिल कर देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है तथा राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में शीर्ष पांच राज्यों में अपना स्थान बनाया है।

नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने जनसहभागिता के साथ ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान’ शुरू किया है तथा सूचना देने वालों के लिए पुरस्कार की व्यवस्था की गई है, साथ ही उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

उन्होंने कहा कि आगामी ‘खेलो इंडिया चिट्टा-मुक्त अभियान’ के माध्यम से युवाओं को खेलों और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे नशा मुक्त और प्रगतिशील हिमाचल का निर्माण सुनिश्चित होगा।

इस अवसर पर राजपूत कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष कुलदीप ठाकुर, संरक्षक टी.सी. राणा तथा राजपूत कल्याण सभा के अध्यक्ष ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

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