कृषि विश्वविद्यालय के एग्रीबिजनेस इनक्यूबेटर को स्टार्टअप इकोसिस्टम को मज़बूत करने के लिए मिली राज्य-स्तरीय पहचान, मिला सम्मान
धर्मशाला, 06 जनवरी (हि.स.)। चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर ने एग्री-बिजनेस उद्यमिता के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के एग्री बिजनेस इनक्यूबेटर (एबीआई) को हिमाचल प्रदेश में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने में उत्कृष्ट भूमिका निभाने के लिए राज्य स्तर पर सराहा गया है। इन प्रयासों की सराहना स्वरूप डॉ. वी. के. शर्मा (पूर्व प्राध्यापक) तथा डॉ. संजीव कुमार संदल, नोडल अधिकारी, विश्वविद्यालय के एग्री बिजनेस इनक्यूबेटर, को हिमाचल प्रदेश सरकार के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान द्वारा बीते चार जनवरी को शिमला में आयोजित हिम एमएसएमई फेस्ट-2026 के दौरान प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर टीम को बधाई देते हुए कुलपति प्रो. डॉ. अशोक कुमार पांडा ने कहा कि यह सम्मान नवाचार और उद्यमिता के प्रति विश्वविद्यालय की सशक्त प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का एग्री बिजनेस इनक्यूबेटर युवा उद्यमियों और किसानों को सशक्त बनाने के साथ-साथ राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था में भी सार्थक योगदान दे रहा है। यह उपलब्धि हिमाचल प्रदेश में एग्री-बिजनेस नवाचार और स्टार्टअप आधारित ग्रामीण विकास के केंद्र के रूप में सीएसकेएचपीकेवी, पालमपुर की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है।
विश्वविद्यालय में एग्री बिजनेस इनक्यूबेटर की स्थापना वर्ष 2017-18 में उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री स्टार्टअप/नवोन्मेषी परियोजना/नव उद्योग योजना के अंतर्गत की गई थी। स्थापना से अब तक यह इनक्यूबेटर तकनीकी मार्गदर्शन, हैंडहोल्डिंग सहयोग तथा वित्तीय सहायता प्रदान कर एग्री-बिजनेस स्टार्टअप्स के संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। योजना के अंतर्गत चयनित स्टार्टअप्स को उनके प्रारंभिक चरण में सहायता देने हेतु एक वर्ष की अवधि के लिए 25 हजार प्रतिमाह की निर्वाह भत्ता राशि प्रदान की जाती है।
एग्री बिजनेस इनक्यूबेटर के नोडल अधिकारी डॉ. संजीव के. संदल ने जानकारी दी कि अब तक इनक्यूबेटर को 119 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 23 स्टार्टअप्स का सफलतापूर्वक इनक्यूबेशन किया गया है। इसके अंतर्गत कुल 79.94 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इन स्टार्टअप्स ने अब तक 110.9 लाख का कुल कारोबार किया है। 94 उत्पाद बाजार में उपलब्ध कराए हैं, 622 किसानों को लाभान्वित किया है तथा खाद्य प्रसंस्करण, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, अपशिष्ट प्रबंधन तथा आईटी एवं आईटीईएस जैसे क्षेत्रों में 20 से अधिक रोजगार अवसर सृजित किए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

