प्रदेश का आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र बनेगा किसानों की आय बढ़ाने का आधार : प्रो. चंद्र कुमार
धर्मशाला, 09 जुलाई (हि.स.)। कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने वीरवार को धर्मशाला में उपायुक्त कार्यालय में ढगवार में निर्माणाधीन अत्याधुनिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के निर्माण कार्य एवं आधारभूत सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता की।
मंत्री ने कहा कि परियोजना की नियमित अंतराल पर समीक्षा की जा रही है, ताकि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जा सकें। उन्होंने पानी, बिजली तथा सिविल कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को प्लांट की वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप बिजली एवं पानी की मांग का विस्तृत आकलन तैयार करने को कहा।
प्रो. चंद्र कुमार ने बताया कि जिला कांगड़ा के ढगवार में स्थापित किया जा रहा अत्याधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र प्रारंभिक चरण में प्रतिदिन 1.50 लाख लीटर (एलएलपीडी) दूध प्रसंस्करण क्षमता का होगा, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 3 लाख लीटर प्रतिदिन किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि संयंत्र के शुरू होने से कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, मंडी और ऊना जिलों के 35 हजार से अधिक दुग्ध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि इस संयंत्र के निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा पूरी धनराशि उपलब्ध करवाई जा रही है तथा इसका निर्माण कार्य नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अत्याधुनिक संयंत्र में प्रतिदिन 1.50 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण कर दही, लस्सी, मक्खन, घी, पनीर, फ्लेवर्ड मिल्क, खोया तथा मोजरेला चीज सहित विभिन्न डेयरी उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर ने कहा कि दत्तनगर दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र के निर्माण एवं संचालन से प्राप्त अनुभवों के आधार पर प्रदेश सरकार ने नालागढ़, नाहन, झलेड़ा (ऊना) सहित अन्य नए दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्रों का निर्माण भी राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के माध्यम से करवाने का निर्णय लिया है।
मंत्री ने किया प्लांट का दौरा
बैठक के उपरांत कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने ढगवार पहुंचकर अधिकारियों एवं अन्य एजेंसिंयों सहित निर्माणाधीन मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का निरीक्षण किया तथा निर्माण कार्य में लगी एजेंसियों और अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

