कृषि विश्वविद्यालय में भारतीय सशस्त्र बलों के जवानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

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कृषि विश्वविद्यालय में भारतीय सशस्त्र बलों के जवानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ


धर्मशाला, 10 अगस्त (हि.स.)। चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में भारतीय सशस्त्र बलों के जूनियर कमीशंड अधिकारियों (जेसीओ) एवं समकक्ष अधिकारियों के लिए “सब्जियों एवं बागवानी फसलों की संरक्षित खेती एवं मूल्य संवर्धन” विषय पर आयोजित 8वें 16-सप्ताह के दीर्घकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को शुभारंभ हुआ। ये दीर्घकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम पुनर्वास महानिदेशालय (डीजीआर), नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित किए जा रहे हैं।

होल्टा मिलिट्री स्टेशन के लेफ्टिनेंट कर्नल अमन ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने सशस्त्र बलों के कर्मियों को विशेष एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कृषि विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त व्यावहारिक ज्ञान एवं तकनीकी कौशल प्रतिभागियों के लिए भविष्य में आजीविका के नए एवं उत्पादक अवसर सृजित करने में सहायक होंगे। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा विश्वविद्यालय की विशेषज्ञता, सुविधाओं एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

डॉ. चन्द्रकांता वत्स, अधिष्ठाता, सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय, सीएसकेएचपीकेवी, ने मुख्य अतिथि एवं प्रशिक्षण में भाग ले रहे सशस्त्र बलों के जवानों का स्वागत किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 42 प्रतिभागी, जिनमें भारतीय सेना से 29, भारतीय नौसेना से 5 तथा भारतीय वायु सेना से 8 प्रतिभागी शामिल हैं, भाग ले रहे हैं।

इस अवसर पर डॉ. विनोद शर्मा, निदेशक, प्रसार शिक्षा, कृषि विश्वविद्यालय, डॉ. अंकुर शर्मा विश्वविद्यालय एनसीसी अधिकारी तथा डॉ. सुमन कुमार, वरिष्ठ प्रोफेसर ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया तथा उनका विश्वविद्यालय में स्वागत किया। उन्होंने कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में कौशल विकास और व्यावहारिक प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान अधिक से अधिक व्यावहारिक ज्ञान अर्जित करने के लिए प्रेरित किया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

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