कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किसानों की क्षमता निर्माण हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित

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कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किसानों की क्षमता निर्माण हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित


धर्मशाला, 28 मार्च (हि.स.)। चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर ने अपने डॉ. जी.सी. नेगी पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के माध्यम से कांगड़ा जिले के किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों की एक श्रृंखला का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक पशुपालन एवं बकरी पालन के क्षेत्र में ज्ञान एवं कौशल प्रदान करना था।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ए.के. पांडा ने प्रशिक्षण सत्रों की अध्यक्षता की तथा अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं एवं ग्रामीण युवाओं को सतत आजीविका के रूप में पशुपालन एवं बकरी पालन को अपनाना चाहिए। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने हेतु पोषण वाटिका, कुक्कुट पालन तथा अन्य उद्यमशील गतिविधियों के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के कार्यवाहक अधिष्ठाता डॉ. पंकज सूद तथा डॉ. संजीव कटोच, अतिरिक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, कांगड़ा ने किसानों को विभागीय योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी तथा उन्हें आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

ये प्रशिक्षण कार्यक्रम विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत डॉ. संजय कुमार खुराना, अध्यक्ष, पशु चिकित्सा एवं पशुपालन प्रसार शिक्षा विभाग तथा डॉ. एस. कटोच, अध्यक्ष, पशुधन उत्पादन प्रबंधन विभाग द्वारा आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में डॉ. देवेश ठाकुर, डॉ. राकेश ठाकुर, डॉ. निशांत वर्मा, डॉ. प्रवीण शर्मा, डॉ. अंकज ठाकुर, डॉ. रोहित कुमार तथा डॉ. मीसम रज़ा सहित विशेषज्ञों ने भाग लिया और किसानों के साथ महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी एवं व्यावहारिक अनुभव साझा किए।

प्रशिक्षण कार्यक्रमों का समापन सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार की पहलें किसानों को वैज्ञानिक ज्ञान से सशक्त बनाने तथा क्षेत्र में पशुधन आधारित आजीविका को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

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