अग्निवीर भर्ती मामला : पकड़े गए दो दलालों में एक पटियाला पुलिस का मोस्ट वांटेड अपराधी

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धर्मशाला, 08 अगस्त (हि.स.)। धर्मशाला में सेना की अग्निवीर भर्ती के दौरान युवाओं को ठगने वाले दलालों के मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मिलिट्री इंटेलिजेंस और धर्मशाला पुलिस के हत्थे चढ़े इन दो आरोपियों में से एक, पंजाब की पटियाला पुलिस का वांटेड अपराधी निकला है। शनिवार को पटियाला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मुख्य आरोपी रमन को अपनी कस्टडी में ले लिया है। वहीं, अब धर्मशाला पुलिस इन शातिरों की कॉल डिटेल (सीडीआर) खंगालकर इस पूरे फर्जीवाड़े के बड़े नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने में जुट गई है।

पटियाला पुलिस के रडार पर था रमन

सेना की पारदर्शी व्यवस्था में सेंध लगाने की कोशिश करने वाले हरियाणा के करनाल निवासी 27 वर्षीय रमन, पुत्र बलवान सिंह और 30 वर्षीय शुभम, पुत्र रमेश को हाल ही में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस की गहन पूछताछ और बैकग्राउंड जांच में सामने आया कि रमन पहले से ही आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है और वह पटियाला पुलिस की वांटेड लिस्ट में शामिल था। धर्मशाला में उसकी गिरफ्तारी की भनक लगते ही पंजाब पुलिस तुरंत हरकत में आई। कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, शनिवार को पटियाला पुलिस आरोपी रमन को आगामी जांच के लिए अपने साथ ले गई है।

कॉल डिटेल खोलेगी गिरोह के राज

इधर, धर्मशाला पुलिस ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन और उनकी कॉल डिटेल खंगाल रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि भर्ती रैली के दौरान ये दलाल किन-किन लोगों के संपर्क में थे। क्या इस गिरोह के तार किसी बड़े सिंडिकेट से जुड़े हैं? क्या इनके साथ कुछ अन्य स्थानीय लोग या बिचौलिए भी शामिल हैं? कॉल डिटेल की रिपोर्ट सामने आने के बाद कई सफेदपोशों या अन्य ठगों के चेहरे से भी नकाब उठने की उम्मीद है।

युवाओं को फंसाने का था बड़ा प्लान

गौरतलब है कि बीते दिनों खुफिया एजेंसियों की पुख्ता सूचना के आधार पर बिछाए गए जाल में ये दोनों आरोपी फंसे थे। ये गिरोह रैली स्थल के आसपास घूमकर युवाओं को पैसे के बल पर सेना में भर्ती करवाने का झूठा झांसा दे रहा था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पकड़े जाने से पहले क्या इन्होंने किसी युवा से पैसे ऐंठे थे या नहीं।

इस मामले में पुलिस और सेना की त्वरित कार्रवाई के बाद प्रशासन ने एक बार फिर युवाओं और उनके अभिभावकों को सतर्क किया है। सेना ने स्पष्ट किया है कि भारतीय सेना में भर्ती पूरी तरह से निष्पक्ष और मेरिट के आधार पर होती है। युवा अपनी कड़ी मेहनत पर विश्वास रखें और किसी भी दलाल के झूठे वादों में आकर अपना भविष्य और पैसा दांव पर न लगाएं।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

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