मंडी के टारना में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया सदगुरु कबीर साहेब का 628वां प्रकट दिवस
मंडी, 29 जून (हि.स.)। सदगुरु श्री कबीर साहेब मंदिर, टारना में सदगुरु कबीर साहेब का 628वां प्रकट दिवस बड़ी श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस दौरान दूर दूर से पधारे हुए संत-गुरुजनों ने संगत को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गुरु भक्ति और कबीर वाणी का रसपान किया।
इस अवसर पर गुरुदेव गुरुदयाल साहेब जी डेराबस्सी ने कहा कि मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य सच्चे सतगुरु की शरण प्राप्त कर ईश्वर भक्ति में लीन होना है। गुरु की कृपा और भक्ति के बिना जीवन अधूरा है। जब तक मनुष्य अपने अहंकार का त्याग कर स्वयं को भक्ति के रंग में नहीं रंगता, तब तक उसे परम सत्य और सच्चे सतगुरु की प्राप्ति नहीं हो सकती। वहीं पर छत्तीसगढ़ के जैजैपुर से पधारे डॉ. रोहित साहेब ने मानव जीवन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह जीवन अत्यंत दुर्लभ है। इसे सेवा, सत्संग और सद्कर्मों के माध्यम से सार्थक बनाना ही मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है।इसलिए समय रहते सच्चे सतगुरु कि प्राप्ति के भजन, सुमिरन मेम लग कर अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।
इस अवसर पर कबीर जागु आश्रम, रुकुंदीपुर (उत्तर प्रदेश) से पधारे परम संत धीरज साहेब, कबीर आश्रम, मिश्रीक से पधारे संत धर्मदेव साहेब, आगरा से संत देवा साहेब विशेष रूपये से उपस्थित रहे। आयोजक कमेटी व कबीर मंदिर टारना मंडी के प्रधान रूप सिंह कौडल ने बताया कि इस वर्ष सदगुरु कबीर साहेब का तीन दिवसीय प्रकट दिवस पूरे उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। आयोजन से एक सप्ताह पूर्व प्रतिदिन प्रभात फेरियों का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शनिवार को निकाली गई भव्य शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रही। सोमवार प्रातः निशान साहेब की पूजा-अर्चना की गई। संत गुरुजनों के द्वारा संगत को सतसंग रूपी ज्ञान गंगा मे गोता लगाने के सुवसर प्रदान किया। कबीर मंदिर टारना मंडी की संगत द्वारा प्रस्तुत मधुर भजनों ने उपस्थित संगत को भक्ति रस में भाव-विभोर कर दिया।
इस शुभ अवसर पर कबीर मंदिर टारना मंडी, पुलघराट, हराबाग, बग्गी दान,आनंदपुर साहेब सहित आसपास के विभिन्न गुरुद्वारों की संगत नें भाग लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

