हिमाचल में जेईई-नीट की मुफ्त कोचिंग के लिए 200 विद्यार्थियों का होगा चयन, 6,886 ने दी परीक्षा
शिमला, 15 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग देने की योजना के तहत वीरवार को राज्य स्तरीय चयन परीक्षा आयोजित की गई। समग्र शिक्षा के सुपर-100 कार्यक्रम के अंतर्गत हुई इस परीक्षा में प्रदेश के सभी जिलों में बनाए गए 134 केंद्रों पर कुल 6,886 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा के माध्यम से 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले 200 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इनमें पीएम श्री विद्यालयों और अन्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी शामिल हैं।
सुपर-100 कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे मेधावी विद्यार्थियों को जेईई और नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देना है, जिनके परिवारों के लिए महंगी कोचिंग का खर्च उठाना मुश्किल होता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को उनकी आर्थिक परिस्थितियों के कारण तैयारी के अवसरों से वंचित रहने से बचाने और इंजीनियरिंग तथा मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद देने का प्रयास किया जा रहा है।
चयन परीक्षा प्रदेशभर में ऑफलाइन माध्यम से आयोजित की गई। इसमें सफल होने वाले 200 विद्यार्थियों को उनकी रुचि और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जेईई या नीट की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध करवाई जाएगी। जेईई के माध्यम से विद्यार्थी इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए तैयारी करते हैं, जबकि नीट मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रमुख परीक्षा है।
अध्ययन सामग्री, बूटकैंप और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा
सुपर-100 कार्यक्रम के तहत चयनित विद्यार्थियों को कोचिंग के साथ गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को विषयों की अवधारणाएं समझने, पाठ्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने और प्रवेश परीक्षाओं के अनुरूप तैयारी करने में सहायता देना है। कोचिंग के दौरान उनकी शैक्षणिक जरूरतों और तैयारी की प्रगति पर भी ध्यान दिया जाएगा।
विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के साथ परीक्षा की तैयारी का व्यावहारिक अनुभव देने के लिए वर्ष में दो विशेष बूटकैंप आयोजित किए जाएंगे। इनमें विषयों के अभ्यास, परीक्षा की तैयारी और प्रवेश परीक्षाओं से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, विषय विशेषज्ञों के माध्यम से नियमित काउंसलिंग और मेंटरशिप की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे विद्यार्थियों को अपनी शंकाओं का समाधान करने और तैयारी के दौरान आने वाली चुनौतियों को समझने में मदद मिलेगी।
समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक राजीव कुमार ने कहा कि सरकार प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। सुपर-100 कार्यक्रम के माध्यम से मेधावी विद्यार्थियों को उनकी आर्थिक परिस्थितियों से परे गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और अपनी प्रतिभा निखारने के अवसर दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस पहल से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी जेईई और नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग मिलेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

