मंडी जिला के गोहर क्षेत्र में पेयजल योजनाओं के माध्यम से सुरक्षित जल आपूर्ति की जा रही सुनिश्चितः आर.के. सैणी

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मंडी, 20 मार्च (हि.स.)। मंडी जिला के नेहरा व रौड़ी गांव में फैले पीलिया के दावों को जलशक्ति विभाग ने खारिज करते हुए सुरक्षित पेयजल आपूर्ति का दावा किया है। विभाग ने यह भी दावा किया है कि पीलिया के वजह से हाल ही में जिस नवविवाहिता की मौत हुई है, उसके घर वालों ने अपना निजी नल का कुनेक्शन कटवा कर अपनी जमीन में निकाले हैंडपंप के पानी का उपयोग करते हैं।

जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता आर.के. सैणी ने बताया कि गोहर क्षेत्र में पीलिया की स्थिति को देखते हुए विभाग द्वारा पेयजल योजनाओं के माध्यम से सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। संभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी एवं नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण भी किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि 19 मार्च को भी एसडीएम गोहर, खंड चिकित्सा अधिकारी सहित जल शक्ति विभाग के अधिकारियों ने क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने बताया कि गोहर क्षेत्र की ग्राम पंचायत नेहरा के गांव रौड़ी को पेयजल योजना दुगाहन-सटकन के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जाती है। हालांकि उक्त क्षेत्र को एनडीबी के माध्यम से नवनिर्मित पेयजल योजना जिसका स्रोत बीबीएमबी नहर है, से भी वैकल्पिक तौर पर आवश्यकता अनुसार पेयजल आपूर्ति की जा रही है।

आर.के. सैणी ने बताया कि नेहरा पंचायत के रौडी इत्यादि गाँवों में पेयजल योजना के अन्तर्गत कोई भी पीलिया का मामला सामने नहीं आया है। हालांकि जिस घर में पीलिया के कारण मृत्यु दर्ज हुई है, उस उपभोक्ता द्वारा फरवरी, 2025 में ही विभाग का पेयजल कनेक्शन कटवाने के लिए स्वयं आवेदन किया गया था। उपभोक्ता लालमन का निजी नल मार्च, 2025 को विभाग द्वारा मौका पर बंद कर दिया गया था, क्योंकि अपने प्रार्थना पत्र में उन्होंने आवेदन किया था कि वह अपनी जमीन पर लगे निजी हैंडपम्प से ही पेयजल का उपयोग करते हैं।

उन्होंने बताया कि पीलिया को ध्यान में रखते हुए विभाग ने उक्त गाँव में 19 जनवरी, 2026 से 18 मार्च, 2026 तक कुल 26 पानी के नमूने परीक्षण किये। जिसमें घरों से लिए गये 19 नमूनों में से 15 नमूने मानक के अनुसार पाये गए व 18 मार्च, 2026 को लिये गए 4 नमूनों की परीक्षण रिपोर्ट आनी शेष है। उन्होंने बताया कि स्रोत से लिए गए सात नमूनों में से पांच नमूने मानकों के अनुसार थे तथा दो नमूने जो मानकों के अनुसार नहीं थे, उनमें ई-कोली नहीं पाया गया था।

अधीक्षण अभियंता ने बताया कि 17 मार्च, 2026 को उपायुक्त की अध्यक्षता में पीलिया नियंत्रण की समीक्षा बारे बैठक हुई थी, जिसमें उन्होंने जल शक्ति विभाग, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त निरीक्षण कर सैम्पल परीक्षण के आदेश दिये थे। उन्होंने बताया कि 18 मार्च, 2026 को संयुक्त निरीक्षण कर उपमंडलाधिकारी (ना.) की अध्यक्षता में 4 नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए हैं, जिसकी रिपोर्ट आनी शेष है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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