क्लोरीन युक्त उबला हुआ पानी पीने व जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता का रखें ध्यान :कृष्ण कुमार शर्मा

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क्लोरीन युक्त उबला हुआ पानी पीने व जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता का रखें ध्यान :कृष्ण कुमार शर्मा


मंडी, 20 मार्च (हि.स.)। मंडी जिला के गोहर क्षेत्र की पंचायतों में पीलिया फैलने के उपरांत जल शक्ति विभाग प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है। विभाग घर-घर जाकर आम जनता को जागरूक करने तथा निजी स्त्रोतों व निजी बोरवेल की सैंपलिंग करने जा रहा है जिसके लिए सहायक अभियंता की अध्यक्षता में टीमों का गठन किया गया है। जल शक्ति मंडल बग्गी के अधिशासी अभियंता कृष्ण कुमार शर्मा ने बताया कि पीलिया के मामले सामने आने पर विभाग ने फरवरी माह में ही जयूनी खडड के स्रोत को बंद कर दिया था तथा पीलिया से प्रभावित गोहर, बासा, चेल चौक व नेहरा पंचायत को विभाग की एनडीबी के माध्यम से नवनिर्मित योजना के माध्यम से सभी पंचायत वासियों को पेयजल मुहैया करवाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि फरवरी माह में ही विभाग ने अभियान चलाकर निजी टंकियों तक को साफ करवा दिया था। साथ ही प्रभावित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तमाम शिक्षण संस्थानो में भी शुद्ध पानी मुहैया करवाने के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में संस्थाओं के पेयजल टैंकों को भी अभियान चलाकर साफ किया गया। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र की कुछ बावड़ियों के सैंपल फेल हुए हैं जिन्हें गत दिन अधीक्षण अभियंता की मौजूदगी में एसडीएम गोहर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में क्षेत्र में प्रभावित स्थिति को देखते हुए अस्थाई रूप से बन्द करने का निर्णय लिया गया है। इसलिए सभी उपभोक्ताओं से अपील है कि बावड़ियों के पानी को पेयजल के लिए प्रयोग ना करें और पानी को उबालकर पिए।

अधिशासी अभियंता ने क्षेत्र के सभी उपभोक्ताओं से क्लोरिनयुक्त या उबला हुआ पानी पीने तथा पेयजल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने गत दिन पीलिया की चपेट में आने से हुई महिला की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की है तथा ईश्वर से उनकी आत्मा को शांति प्रदान करने की अपील की है।

अधिशासी अभियंता ने कहा कि इस क्षेत्र में बहुत से घरों में निर्मित सेफ्टी टैंक का मल जमीन के नीचे से रिसाब होकर जल स्रोतों में जा रहा है जिससे पेयजल प्रदूषण हो रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि सेप्टिक टैंक का मल साथ लगती खडड,नदी व नालों में फेंकने के बजाय विभाग के सुंदर नगर ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंचाएं जहां इसे फेंकने के लिए निशुल्क सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई टैंकर वाला नदी नालों में सेप्टिक टैंक का मल खाली करता है तो उसके खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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