दो दिन में जिला परिषद चुनाव की तारीख घोषित नहीं हुई, तो उच्च न्यायालय जाएंगे : जयराम ठाकुर

WhatsApp Channel Join Now
दो दिन में जिला परिषद चुनाव की तारीख घोषित नहीं हुई, तो उच्च न्यायालय जाएंगे : जयराम ठाकुर


शिमला, 08 अगस्त (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर प्रदेश सरकार को दो दिन का समय दिया है। उन्होंने कहा कि अगर दो दिन के भीतर चुनाव की तारीख घोषित नहीं की गई तो भाजपा के निर्वाचित जिला परिषद सदस्य उच्च न्यायालय का रुख करेंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो इसके बाद उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा।

जयराम ठाकुर ने शनिवार को शिमला में पत्रकार वार्ता में कांग्रेस सरकार पर पंचायती राज संस्थाओं के कामकाज में देरी करने और प्रशासन का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पंचायत और शहरी निकाय चुनावों के परिणामों से जनता का रुझान स्पष्ट हो गया है, इसके बावजूद सरकार जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव कराने में देरी कर रही है।

उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल 22 जनवरी 2026 को समाप्त हो गया था। उनके अनुसार समय पर परिसीमन और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर चुनाव कराए जाने चाहिए थे। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले आपदा का हवाला देकर डिजास्टर एक्ट के माध्यम से चुनाव टालने की कोशिश की। भाजपा के न्यायालय जाने के बाद हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने चुनाव कराने का आदेश दिया। इसके बाद सरकार सर्वोच्च न्यायालय गई, जहां से भी निर्धारित समय में चुनाव कराने के निर्देश मिले। इसके बाद चुनाव कराए गए।

जयराम ठाकुर ने दावा किया कि पंचायत, ब्लॉक समिति, नगर निकाय और जिला परिषद चुनावों में कांग्रेस को जनता का समर्थन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि 12 जिलों में से 10 जिलों में जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उनके अनुसार इनमें नौ जिलों में कांग्रेस अपने प्रत्याशी तक खड़े नहीं कर सकी और भाजपा समर्थित उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए।

उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की करीब 70 प्रतिशत ग्राम पंचायतों में भाजपा समर्थित प्रधान चुने गए हैं। उन्होंने धर्मशाला, मंडी और सोलन नगर निगमों का भी जिक्र किया और कहा कि इन नगर निगमों में भाजपा ने बहुमत हासिल कर मेयर और डिप्टी मेयर चुने हैं।

शिमला जिला परिषद को लेकर जयराम ठाकुर ने कहा कि परिषद में 25 निर्वाचित सदस्य हैं और इनमें 13 भाजपा समर्थित सदस्य चुने गए हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ अन्य सदस्यों का भी भाजपा को समर्थन प्राप्त है। इसके बावजूद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की तारीख घोषित नहीं की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव परिणाम अपने पक्ष में नहीं आने के कारण सरकार प्रक्रिया में देरी कर रही है।

जयराम ठाकुर ने पंचायती राज नियमों में किए गए बदलाव का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पहले अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव मतदान के सात दिन के भीतर कराने का प्रावधान था। उनके अनुसार सरकार ने 18 अप्रैल 2026 को अधिसूचना जारी कर नियम में बदलाव किया। उन्होंने हाल में उच्च न्यायालय के इंदौरा ब्लॉक समिति से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए कहा कि अदालत ने स्पष्ट किया है कि किसी अधिकारी को चुनाव प्रक्रिया अनिश्चित समय तक टालने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने शिमला के उपायुक्त पर भी सवाल उठाए। जयराम ठाकुर ने कहा कि वह पिछले तीन दिनों से उपायुक्त से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें बातचीत के लिए समय नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि डीसी कार्यालय कांग्रेस का जिला कार्यालय नहीं बन सकता। उन्होंने प्रशासन से संविधान और कानून के अनुसार काम करने की अपील की।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा इस मामले में लोकतांत्रिक और कानूनी रास्ता अपनाएगी। उन्होंने दोहराया कि दो दिन में चुनाव की तारीख घोषित नहीं हुई तो भाजपा के निर्वाचित जिला परिषद सदस्य उच्च न्यायालय जाएंगे। इसके बाद भी चुनाव प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी तो उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

Share this story