हिमाचल की आर्थिक स्थिति पर केंद्र से चर्चा, जयराम ठाकुर ने निर्मला सीतारमण से किया सहयोग का आग्रह
शिमला, 24 फ़रवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार भेंट कर प्रदेश की आर्थिक स्थिति और विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने राज्य की वित्तीय सुदृढ़ता, आधारभूत ढांचे के विस्तार, आपदा राहत और विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए अधिकतम केंद्रीय सहायता का आग्रह किया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले हिमाचल के संतुलित और सतत विकास के लिए केंद्र का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश को मिल रहे सहयोग के लिए आभार जताया। उनका कहना था कि विशेष राज्य के दर्जे के कारण केंद्र प्रायोजित 191 योजनाओं में हिमाचल की हिस्सेदारी केवल 10 प्रतिशत है, शेष व्यय केंद्र वहन करता है। उन्होंने दावा किया कि हाल के वर्षों में राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग, फोरलेन, सुरंगों और रेलवे परियोजनाओं के माध्यम से कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के तहत लगभग 3000 करोड़ रुपये की मदद स्वीकृत की है। जायका-द्वितीय परियोजना के अंतर्गत 1617 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण योजना को मंजूरी मिली है, जिससे पांच मेडिकल कॉलेज और 86 स्वास्थ्य संस्थानों को लाभ होगा। इसके अतिरिक्त विश्व बैंक समर्थित 1992 करोड़ रुपये की आपदा पुनर्निर्माण परियोजना में भी केंद्र का बड़ा अंशदान रहेगा।
इस दौरान जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए केंद्र से संवाद आवश्यक है और वे हिमाचल के अधिकारों को प्रभावी ढंग से उठाते रहेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

