जयराम ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर दी विनम्र श्रद्धांजलि ।
मंडी, 23 जून (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेताप्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने करसोग विधानसभा क्षेत्र के चिंडी में महान राष्ट्रवादी विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित। उन्होंने कहा कि 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे' का उनका संकल्प और देश की अखंडता के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
जयराम ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और जनसेवा के लिए समर्पित रहा। वे एक महान शिक्षाविद्, कुशल प्रशासक, प्रखर चिंतक और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाले युगद्रष्टा थे। मात्र 33 वर्ष की आयु में कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बनने वाले डॉ. मुखर्जी जी ने शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने स्वतंत्र भारत की एकता और संप्रभुता की रक्षा के लिए दृढ़ संघर्ष किया। “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” के संकल्प के साथ उन्होंने अखंड भारत के विचार को सशक्त आवाज़ दी और राष्ट्र की एकता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। श्रद्धेय मुखर्जी जी त्याग, राष्ट्रभक्ति और सेवा का आदर्श सदैव हम सभी को देशहित में कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

