प्रशासनिक अधिकारियों की संख्या कम करने के बजाय अपने मित्रों के खर्चे घटाएं मुख्यमंत्री : जयराम ठाकुर

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प्रशासनिक अधिकारियों की संख्या कम करने के बजाय अपने मित्रों के खर्चे घटाएं मुख्यमंत्री : जयराम ठाकुर


मंडी, 18 अगस्त (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सीएम सुक्खू के प्रदेश में आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों की संख्या में कटौती करने की बात तंज कसा है। जयराम ठाकुर ने मंगलवार को अपने गृह क्षेत्र के थुनाग में कहा कि ये सुक्खू सरकार भी गजब की है जो यूपीएससी से क्वालिफाई नए अधिकारियों को लेने से इनकार कर रही है, जबकि भ्रष्ट अधिकारियों को एक्सटेंशन पर एक्सटेंशन दिए जा रही है।

उन्होंने एक पूर्व आईएएस अधिकारी की तरफ ईशारा करते हुए कहा कि यह अधिकारी सीएम को इतने प्रिय है कि जब विपक्ष में थे तो उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते थे, आज उन्हें बार-बार एक्सटेंशन दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खुद सरकार का कार्यकाल एक वर्ष का बचा है जबकि इस अधिकारी को एक्सटेंशन दो वर्षों की दे दी गई है। अधिकारियों से तौबा करने वाले सीएम ने खुद चेयरमैन और वायस चेयरमैन की कैबिनेट रैंक के साथ फौज खड़ी कर रखी है। सीपीएस की गैरकानूनी ढंग से नियुक्तियां करके प्रदेश के पैसों का दुरूपयोग किया। यह खर्चे सीएम को नजर नहीं आते जबकि अधिकारियों के ही खर्चे नजर आ रहे हैं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि सीएम सुक्खू ने चेयरमैन और वायस चेयरमैन के पदों पर भी किसी कांग्रेसी को नहीं बैठाया है। बल्कि वहां पर अपने मित्रों की फौज खड़ी कर रखी है। आज भी इन नियुक्तियों का दौर लगातार जारी है। लगातार मंत्रीमंडल के विस्तार की बातें सरकार द्वारा कही जा रही हैं लेकिन फिर भी मंत्री नहीं बना पा रहे हैं। सीएम खुद अपना उपहास बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश को आपदा से भी ज्यादा नुक्सान सुक्खू सरकार की गलत नीतियों से पहुंचा है। जिसका उदाहरण इनकी नेता प्रियंका गांधी द्वारा एक तैयार स्कूल भवन का तीन-तीन बार कार्यक्रम रद्द करना भी है। जहां सारे सरकारी ताम-झाम, मंत्रियों, अधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती के बावजूद लोकार्पण न होने से पिछले नौ महीनों से बच्चे नए भवन में पढ़ने से वंचित हैं और यह मामला अब अदालत तक पहुंच गया है।

जयराम ठाकुर ने सराज विधानसभा क्षेत्र के जंजैहली व थुनाग मंडल के पदाधिकारियों के साथ मिलकर सुक्खू सरकार की जनविरोधी नीतियों और कांग्रेस नेताओं द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के अपमान के विरोध में आयोजित धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए यह स्पष्ट किया कि वंदे मातरम् केवल एक राष्ट्रगीत नहीं बल्कि भारत की राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और स्वतंत्रता संग्राम की अमर भावना का प्रतीक है, जिसे आजादी के पहले से विरोध करने वाली कांग्रेस मानसिकता के खिलाफ भाजपा कभी बर्दाश्त नहीं करेगी और राष्ट्रगौरव के इस मुद्दे पर हमेशा मजबूती से आवाज उठाती रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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