केंद्र की योजनाओं का न सही उपयोग हो रहा, न ही उसे श्रेय दे रही सुक्खू सरकार : जयराम ठाकुर
शिमला, 18 जुलाई (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश की सुक्खू सरकार केंद्र सरकार से प्राप्त धनराशि का न तो प्रभावी ढंग से उपयोग कर रही है और न ही विभिन्न विकास योजनाओं में केंद्र सरकार के योगदान को जनता के सामने रख रही है। उन्होंने कहा कि कई केंद्रीय योजनाओं की समय-सीमा समाप्त होने के बावजूद परियोजनाओं की प्रगति बेहद धीमी है।
जयराम ठाकुर ने शनिवार को एक बयान में कहा कि बाह्य सहायता प्राप्त और केंद्र प्रायोजित योजनाओं में केंद्र सरकार 90 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। इसके बावजूद राज्य सरकार केंद्र के योगदान का उल्लेख तक नहीं करती। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में प्रदेश में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाएं संचालित हैं, लेकिन सरकार का पूरा ध्यान केंद्र सरकार की आलोचना करने में लगा हुआ है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी केंद्र सरकार लगातार सहयोग कर रही है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए पीजी की प्रत्येक सीट के बदले केंद्र सरकार हिमाचल को डेढ़ करोड़ रुपये उपलब्ध करा रही है, लेकिन राज्य सरकार इस सहयोग को जनता से छिपा रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार ने सड़क, रेल, शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्रों में प्रदेश के लिए अभूतपूर्व निवेश किया है। उन्होंने ₹40,000 करोड़ से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं, ₹2,911 करोड़ के रेलवे बजट, आईआईएम सिरमौर, आईआईआईटी ऊना, एम्स बिलासपुर और स्मार्ट सिटी जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार इनके प्रभावी क्रियान्वयन में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 15वें वित्त आयोग के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए स्वीकृत ₹521 करोड़ में से लगभग आधी राशि खर्च नहीं हो सकी।
जयराम ठाकुर ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क के लिए केंद्र सरकार ने ₹1,000 करोड़ की सहायता स्वीकृत की, जिसमें ₹225 करोड़ जारी भी किए गए, लेकिन प्रदेश सरकार केवल ₹102.13 करोड़ ही खर्च कर सकी। वहीं, चिकित्सा उपकरण पार्क परियोजना से राज्य सरकार के पीछे हटने के कारण केंद्र से जारी ₹30 करोड़ की पहली किस्त लौटानी पड़ी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

