आईआईटी मंडी का 17वां स्थापना दिवस 30 मार्च को, उपलब्धियों के साथ भविष्य की दिशा पर जोर
मंडी, 24 मार्च (हि.स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी आईआईटी मंडी अगााामी 30 मार्च को अपना 17वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है, जो उसकी शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार
और राष्ट्र-निर्माण की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस समारोह में शिक्षा, उद्योग और सार्वजनिक सेवा से जुड़े प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों की उपस्थिति रहेगी। इस अवसर के मुख्य अतिथि होंगे क्रिस गोपालकृष्णन, पद्म भूषण से सम्मानित, इन्फोसिस लिमिटेड के सह-संस्थापक और एक्सिलर वेंचर्स के चेयरमैन। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में ओसामा खतीब, निदेशक, स्टैनफोर्ड रोबोटिक्स लैब, अमेरिका, भी शामिल होंगे, जो सभा को संबोधित करेंगे।
इस अवसर पर आईआईटी मंडी के निदेशक लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा कि स्थापना दिवस हमारे विकास, नवाचार और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता की यात्रा को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर है। पिछले सोलह वर्षों में आईआईटी मंडी ने शैक्षणिक उत्कृष्टता और प्रभावशाली अनुसंधान के केंद्र के रूप में निरंतर प्रगति की है। इस दिन को
मनाते हुए हम प्रतिभा के संवर्धन, ज्ञान के विस्तार और समाज एवं राष्ट्र के प्रति सार्थक योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में टिमोथी गोंसाल्वेस, संस्थापक निदेशक, आईआईटी मंडी, अजीत कुमार चतुर्वेदी, कुलपति, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, तथा विनय कुमार पाठक, कुलपति, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता लेफ्टिनेंट जनरल के. जे. एस. ढिल्लों सेवानिवृत्त, अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, आईआईटी मंडी द्वारा की जाएगी।
वर्ष 2009 में स्थापित आईआईटी मंडी एक प्रमुख संस्थान के रूप में उभरा है, जो बहु-विषयक शिक्षा और अत्याधुनिक अनुसंधान पर अपने मजबूत फोकस के लिए जाना जाता है।
कमांद घाटी की सुरम्य वादियों में स्थित यह संस्थान नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक प्रभाव को बढ़ावा देने वाला एक सशक्त पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर चुका है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और सतत प्रौद्योगिकियों जैसे उभरते क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए, आईआईटी मंडी विज्ञान, प्रौद्योगिकी और राष्ट्रीय विकास को आगे बढ़ाने में निरंतर अग्रसर है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

