छह दिसंबर तक मांगें न मानीं तो आईजीएमसी में होगी हड़ताल, वर्कर्स यूनियन ने दी चेतावनी

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छह दिसंबर तक मांगें न मानीं तो आईजीएमसी में होगी हड़ताल, वर्कर्स यूनियन ने दी चेतावनी


शिमला, 29 नवंबर (हि.स.)। आईजीएमसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू ने चेतावनी दी है कि यदि आउटसोर्स और ठेका मजदूरों की मांगों का समाधान 6 दिसंबर की निर्धारित बैठक में नहीं हुआ, तो आंदोलन तेज किया जाएगा और मजदूर हड़ताल करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। यूनियन ने कहा कि लंबे समय से मांगों को अनदेखा किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है।

यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को अपनी मांगों को लेकर वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव से मिला और उन्हें विस्तृत मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, जिला महासचिव अमित कुमार, जिला वित्त सचिव बालक राम, यूनियन अध्यक्ष वीरेंद्र लाल पामटा, उपाध्यक्ष नोख राम, निशा देवी, उमा देवी, महासचिव विद्या देवी सहित कई सदस्य मौजूद रहे।

मांग पत्र प्राप्त करने के बाद वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक ने 6 दिसंबर को शाम 3 बजे यूनियन, आईजीएमसी प्रशासन और ठेकेदारों की त्रिपक्षीय बैठक बुलाने का आश्वासन दिया, जिसमें सभी मांगों पर निर्णय लिया जाएगा।

यूनियन ने कहा कि सभी मजदूरों को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन का पूर्ण भुगतान किया जाए और अब तक कम दिए गए वेतन का बकाया एरियर ब्याज सहित एकमुश्त दिया जाए। प्रत्येक मजदूर को श्रम विभाग द्वारा सत्यापित फोटोयुक्त पहचान पत्र जारी करने, ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान करने और हर महीने की 7 तारीख से पहले वेतन बैंक खाते में जमा करने की मांग भी उठाई गई है।

इसके अलावा मजदूरों को विस्तृत वेतन पर्ची, साल में चार जोड़ी वर्दी—दो गर्मी और दो सर्दी—जूते-मोजे, वर्दी धुलाई भत्ता, कर्मचारी भविष्य निधि (पीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) सुविधा लागू करने, वर्ष 2024-25 का बोनस भुगतान करने और कैंसर अस्पताल में कचरा ढोने के लिए पर्याप्त ट्रॉली और डम्पर उपलब्ध करवाने की मांग की गई।

यूनियन ने यह भी कहा कि न्यू ओपीडी, नर्सिंग हॉस्टल, डॉक्टर हॉस्टल और अस्पताल किचन में कार्यभार अधिक होने के कारण कम से कम 50 अतिरिक्त मजदूरों की नियुक्ति जरूरी है। मजदूरों के साथ सुपरवाइजरों द्वारा हो रही बदसलूकी व गाली-गलौज पर रोक लगाने, दोषियों पर कार्रवाई करने, लॉन्ड्री विभाग में महिला कर्मचारियों के लिए अलग शौचालय 15 दिन के भीतर बनाने और कई जगह हाजिरी लगाने की प्रथा समाप्त करने की मांग भी शामिल है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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