केलांग में बनेगा उच्च हिमालयी चिकित्सा अनुसंधान केंद्र, 11 जुलाई को जेपी नड्डा करेंगे शिलान्यास
शिमला, 09 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा 11 जुलाई को हिमाचल प्रदेश के लाहौल एवं स्पीति जिले के केलांग में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के उच्च हिमालयी चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र का शिलान्यास करेंगे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के तहत स्थापित किया जा रहा यह केंद्र देश में उच्च हिमालयी क्षेत्रों और जलवायु से जुड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों पर केंद्रित पहला समर्पित अनुसंधान केंद्र होगा।
आईसीएमआर के अनुसार केलांग में पहले से संचालित फील्ड स्टेशन को उन्नत कर इसे एक पूर्ण विकसित बहुविषयक अनुसंधान केंद्र बनाया जाएगा। यहां उच्च हिमालयी क्षेत्रों से जुड़े स्वास्थ्य विषयों पर अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक क्षमता विकसित करने का काम किया जाएगा।
आईसीएमआर का कहना है कि हिमालयी क्षेत्रों में अधिक ऊंचाई, कठिन मौसम, दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां और जलवायु परिवर्तन जैसी वजहों से स्वास्थ्य सेवाओं के सामने अलग तरह की चुनौतियां हैं। नया केंद्र इन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर उच्च हिमालयी शरीर की कार्यप्रणाली, पर्वतीय चिकित्सा, जलवायु से प्रभावित और उभरते रोग, संक्रामक और गैर-संचारी बीमारियां, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, पर्यावरणीय और व्यावसायिक स्वास्थ्य तथा आपदा चिकित्सा जैसे विषयों पर अनुसंधान करेगा।
आईसीएमआर के अनुसार केंद्र में दूरदराज के इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म, टेलीमेडिसिन, ड्रोन आधारित स्वास्थ्य सेवा आपूर्ति प्रणाली और रियल टाइम जन स्वास्थ्य निगरानी प्रणाली का भी उपयोग किया जाएगा।
आईसीएमआर का कहना है कि यह केंद्र उच्च हिमालयी चिकित्सा से जुड़े वैश्विक अनुसंधान में भी योगदान देगा। यह केंद्र सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (एएफएमएस), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), हिमाचल प्रदेश सरकार और देश-विदेश के शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ मिलकर भी काम करेगा। इसका उद्देश्य अनुसंधान के निष्कर्षों को स्वास्थ्य नीतियों और व्यावहारिक उपयोग से जोड़ना है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

