एचआरटीसी कर्मचारी नेता के तबादले का मामला गरमाया, आदेश वापस लेने की मांग

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एचआरटीसी कर्मचारी नेता के तबादले का मामला गरमाया, आदेश वापस लेने की मांग


शिमला, 21 जून (हि.स.)। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) में कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच ड्राइवर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मान सिंह ठाकुर के शिमला से चंबा तबादले का मामला गरमाता नजर आ रहा है। सरकार की ओर से 23 जून को कर्मचारी संगठनों के साथ प्रस्तावित वार्ता के लिए निमंत्रण दिए जाने के बीच विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने इस तबादले का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग उठाई है।

मान सिंह ठाकुर के तबादले के बाद एचआरटीसी की कंडक्टर यूनियन, तकनीकी कर्मचारी संगठन और पेंशनर्स संघ उनके समर्थन में सामने आए हैं। इन संगठनों का कहना है कि कर्मचारियों की लंबित वित्तीय देनदारियों और अन्य मांगों को उठाना किसी भी कर्मचारी नेता का अधिकार है। ऐसे में आंदोलन के दौरान किया गया यह तबादला कर्मचारियों के बीच गलत संदेश दे रहा है।

एचआरटीसी कंडक्टर यूनियन के प्रदेश प्रधान प्रीत महेंद्र ने कहा कि आंदोलन के दौरान मान सिंह ठाकुर का शिमला से चंबा तबादला करना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार और निगम प्रबंधन से इस आदेश को वापस लेने की मांग की। उनका कहना है कि कर्मचारियों के बीच यह धारणा बन रही है कि यह फैसला बदले की भावना से लिया गया है।

वहीं हिमाचल परिवहन तकनीकी कर्मचारी संगठन के प्रदेश प्रधान खेम चंद और महासचिव एच.के. शर्मा ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि सरकार और निगम प्रबंधन द्वारा संघर्षरत यूनियनों को वार्ता के लिए बुलाना एक सकारात्मक पहल थी, जिससे कर्मचारियों को अपनी लंबित मांगों के समाधान की उम्मीद जगी थी। लेकिन वार्ता के निमंत्रण के कुछ समय बाद ही कर्मचारी नेता मान सिंह ठाकुर के तबादले के आदेश जारी होने से कर्मचारियों में रोष और निराशा बढ़ी है।

तकनीकी कर्मचारी संगठन का कहना है कि एक ओर कर्मचारियों से बातचीत की बात की जा रही है और दूसरी ओर कर्मचारी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इससे प्रबंधन की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों और नेताओं का स्थानांतरण कर उनकी आवाज दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। संगठन का कहना है कि यदि प्रबंधन वास्तव में सकारात्मक माहौल में वार्ता चाहता है तो उसे ऐसे कदमों से बचना चाहिए, जो कर्मचारियों में अविश्वास और तनाव बढ़ाने का कारण बनें।

उधर, एचआरटीसी पेंशनर्स संघ ने भी मान सिंह ठाकुर के तबादले की आलोचना की है।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित वित्तीय देनदारियों के भुगतान पर ध्यान देना चाहिए तथा वार्ता के जरिए समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कर्मचारी नेता के तबादले के आदेश को वापस लेने की मांग भी की।

गौरतलब है कि एचआरटीसी कर्मचारी संगठन लंबे समय से वेतन, भत्तों और अन्य वित्तीय देनदारियों के भुगतान को लेकर सरकार और निगम प्रबंधन से मांगें उठा रहे हैं। इसी बीच मान सिंह ठाकुर के शनिवार शाम चालक पद पर शिमला से चम्बा तबादला करने कआदेश जारी किए गए। तबादले को लेकर शुरू हुआ विवाद अब वार्ता से पहले कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच नए तनाव का कारण बनता दिख रहा है। 23 जून को प्रस्तावित वार्ता में इस मुद्दे के भी उठने की संभावना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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