पहली अप्रैल से बिना हिमबस कार्ड नहीं मिलेगी रियायत, कार्ड बनवाने की तारीख 31 मार्च तक बढ़ी
शिमला, 22 फ़रवरी (हि.स.)। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसों में मुफ्त और रियायती यात्रा करने वालों के लिए बड़ा बदलाव हुआ है। अब पहली अप्रैल 2026 से बिना हिमबस कार्ड पास के किसी भी यात्री को रियायत नहीं मिलेगी। इस बीच राहत देते हुए निगम ने कार्ड बनवाने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दी है, जिससे पात्र लोग समय रहते पंजीकरण पूरा कर सकें।
निगम के प्रबंध निदेशक निपुण जिंदल ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश पर समयसीमा बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि मुफ्त और रियायती यात्रा श्रेणी में आने वाले सभी नागरिक तय तिथि से पहले अपना हिमबस कार्ड पास अवश्य बनवा लें। उनके मुताबिक एक अप्रैल से केवल वही यात्री एचआरटीसी बसों में छूट के पात्र होंगे, जिनके पास वैध हिमबस कार्ड होगा।
निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के बाद बिना पास यात्रा करने वालों को सामान्य किराया देना पड़ेगा। इसलिए पात्र लाभार्थियों से अपील की गई है कि वे अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए जल्द आवेदन करें। एचआरटीसी के अनुसार पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया गया है, जिससे लोग आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकें।
लाभार्थी निगम के आधिकारिक पोर्टल https://buspassonline.hrtchp.com पर जाकर घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा प्रदेश के सभी प्रमुख बस अड्डों पर भी हिमबस कार्ड बनाने की सुविधा दी जा रही है। बस अड्डों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए अब लोकमित्र केंद्रों में भी कार्ड बनाने की व्यवस्था शुरू की गई है।
निगम ने बताया कि पुलिस कर्मियों को छोड़कर जिन श्रेणियों को एचआरटीसी बसों में मुफ्त या रियायती यात्रा की सुविधा मिलती है, उनके लिए हिमबस कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। कार्ड बनाने के लिए प्रति वर्ष 236 रुपये (जीएसटी सहित) शुल्क निर्धारित किया गया है और यह कार्ड एक साल के लिए मान्य रहेगा। अगले वर्ष नवीनीकरण के लिए 150 रुपये प्लस जीएसटी देना होगा।
लोकमित्र केंद्रों में आवेदन जमा करने पर 25 रुपये प्रति आवेदन सेवा शुल्क लिया जाएगा, जो सभी करों सहित होगा और नागरिकों द्वारा देय रहेगा। निगम के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य पात्र लोगों को पारदर्शी और सुगम तरीके से यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है।
एचआरटीसी का कहना है कि प्रदेश में महिलाओं को बसों में आधे किराए की छूट मिलती है, इसलिए हिमबस कार्ड बनवाने वालों में महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा है। निगम ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे लोगों को समयसीमा की जानकारी दें, जिससे कोई भी पात्र लाभार्थी इस सुविधा से वंचित न रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

