हिमाचल में 25 जून से थम सकते हैं बसों के पहिये, एचआरटीसी कर्मचारियों की चेतावनी
शिमला, 17 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में सरकारी बस सेवा संचालित करने वाले एचआरटीसी के चालक-परिचालकों ने अपनी लंबित देनदारियों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि 24 जून तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 25 जून से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। ऐसे में राज्य के लाखों यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग रोजमर्रा के सफर के लिए एचआरटीसी बसों पर निर्भर हैं।
इसी कड़ी में बुधवार को शिमला के पुराने बस अड्डे पर एचआरटीसी चालक-परिचालक यूनियन ने प्रदर्शन किया। यूनियन के अनुसार प्रदेशभर में गेट मीटिंगों का दौर जारी है और कर्मचारी सरकार तथा निगम प्रबंधन के समक्ष अपनी लंबित मांगों को लगातार उठा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से कई वित्तीय लाभ और देनदारियां लंबित हैं, लेकिन अब तक उनके भुगतान को लेकर कोई संतोषजनक कदम नहीं उठाया गया है।
एचआरटीसी चालक-परिचालक यूनियन के राज्य कार्यकारिणी सह-कोषाध्यक्ष लेज राम ने कहा कि चालक और परिचालकों के कई एरियर तथा वित्तीय लाभ लंबे समय से बकाया हैं। उन्होंने बताया कि रात्रि सेवाओं के दौरान कर्मचारियों को अपने खर्च पर बाहर ठहरना पड़ता है, जहां उन्हें हर बार दो से तीन सौ रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। इसके बावजूद चालक-परिचालकों के 76 महीनों के नाइट ओवरटाइम का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल रीइंबर्समेंट की राशि भी कर्मचारियों को नहीं मिली है और वर्दियों से संबंधित भुगतान भी पिछले तीन वर्षों से लंबित है।
लेज राम के अनुसार कर्मचारियों की अन्य कई देनदारियां भी बकाया हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अन्य कर्मचारियों को दी गई 50 हजार रुपये की किस्त भी एचआरटीसी कर्मचारियों को अब तक नहीं मिली है। यूनियन का दावा है कि इन मुद्दों को लेकर कई बार सरकार और निगम प्रबंधन का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
उन्होंने बताया कि गेट मीटिंगों का यह नौवां दिन है और यह आंदोलन 24 जून तक जारी रहेगा। यूनियन ने सरकार से जल्द बातचीत कर लंबित देनदारियों के भुगतान की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 24 जून तक कोई सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो 24 जून की रात 12 बजे के बाद प्रदेशभर के चालक और परिचालक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
ऐसे में यदि सरकार और यूनियन के बीच सहमति नहीं बनती और हड़ताल शुरू होती है तो हिमाचल में बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं। इसका सीधा असर रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों पर पड़ेगा, खासकर उन लोगों पर जो नौकरी, पढ़ाई और अन्य जरूरी कामों के लिए एचआरटीसी बसों पर निर्भर हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

