चार नए ई-डिपो से हिमाचल में बढ़ेगा इलेक्ट्रिक बसों का नेटवर्क, 100 नई बसें भी चलेंगी

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चार नए ई-डिपो से हिमाचल में बढ़ेगा इलेक्ट्रिक बसों का नेटवर्क, 100 नई बसें भी चलेंगी


शिमला, 19 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के लिए प्रदेश में चार नए ई-डिपो स्थापित किए जाएंगे। इन डिपो के शुरू होने के बाद 100 नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भी शुरू होगा। योजना के अनुसार हर डिपो से 25-25 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इससे प्रदेश के अलग-अलग इलाकों, खासकर पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक बस सेवा का विस्तार होगा।

जानकारी के अनुसार नादौन, ठियोग, हरोली और नाहन में ई-डिपो बनाए जाने हैं। इनमें नाहन और ठियोग के ई-डिपो को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। वहीं, नादौन और हरोली के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। एचआरटीसी को उम्मीद है कि इन दोनों डिपो को भी जल्द मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद निर्माण और दूसरी औपचारिकताओं का काम तेजी से पूरा किया जाएगा। अधिकारियों का अनुमान है कि अगले दो से तीन महीने के भीतर चारों ई-डिपो का काम पूरा हो सकता है।

नई व्यवस्था के तहत इलेक्ट्रिक बसों की आपूर्ति भारत सरकार करेगी, जबकि उनका संचालन एचआरटीसी के माध्यम से होगा। बसों के चालक और तकनीकी प्रबंधन की जिम्मेदारी भारत सरकार के पास रहेगी। वहीं, एचआरटीसी परिचालक उपलब्ध कराएगा। बसों के संचालन से होने वाली आय एचआरटीसी को मिलेगी। इससे निगम की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की भी उम्मीद है।

प्रदेश में ई-डिपो बनने के बाद इलेक्ट्रिक बसों का संचालन अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा। नए डिपो में चार्जिंग, रखरखाव और संचालन की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे बसों का संचालन सुचारू रहेगा और यात्रियों को बेहतर सेवा मिल सकेगी। सरकार का मानना है कि इससे डीजल बसों पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। यात्रियों को प्रदूषण रहित, आरामदायक और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।

हिमाचल में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने का काम पहले से जारी है। एचआरटीसी के बेड़े में कुल 297 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जा रही हैं। इनमें से करीब 158 बसें विभिन्न डिपो को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। वहीं, लगभग 100 इलेक्ट्रिक बसें शिमला और कुल्लू-मनाली क्षेत्र में पहले से चल रही हैं। चार नए ई-डिपो बनने के बाद 100 और इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतरेंगी। इससे प्रदेश के कई और क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक बस सेवा का दायरा बढ़ेगा और हरित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में चरणबद्ध तरीके से डीजल बसों की जगह अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक बसें चलाना है। चार नए ई-डिपो बनने के बाद हिमाचल उन राज्यों में शामिल होगा, जहां इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन का नेटवर्क तेजी से विस्तार कर रहा है। इससे स्वच्छ और आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में राज्य की योजना को भी मजबूती मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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