हिमाचल विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के विरोध में एबीवीपी का प्रदर्शन

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हिमाचल विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के विरोध में एबीवीपी का प्रदर्शन


शिमला, 07 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में फीस बढ़ाए जाने के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की शिमला जिला इकाई ने शुक्रवार को शिमला स्थित उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए तथा फीस वृद्धि को वापस लेने और छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग की।

एबीवीपी का कहना है कि विश्वविद्यालय द्वारा बढ़ाई गई फीस का असर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों पर पड़ेगा। संगठन ने मांग की कि फीस वृद्धि का फैसला तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। इसके साथ ही प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव भी जल्द शुरू किए जाएं। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने इन मांगों के समर्थन में अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाई।

विद्यार्थी परिषद ने कहा कि उसके कार्यकर्ता पिछले पांच दिनों से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में फीस वृद्धि के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। संगठन का आरोप है कि अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार की ओर से उनकी मांगों के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

धरने को संबोधित करते हुए एबीवीपी के कुनाल गांग्टा और रितिक शर्मा ने कहा कि विद्यार्थी परिषद लंबे समय से छात्र हित से जुड़े मुद्दों को उठाती रही है। उन्होंने कहा कि फीस बढ़ने का सीधा आर्थिक असर विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर पड़ेगा। उनका कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले छात्रों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना और कठिन हो सकता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा सभी विद्यार्थियों की पहुंच में होनी चाहिए और विश्वविद्यालय प्रशासन को फीस वृद्धि के फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए। उन्होंने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से देखते हुए जल्द निर्णय लिया जाए।

एबीवीपी नेताओं ने कहा कि यदि मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उनके अनुसार आने वाले समय में प्रदेश के अलग-अलग शिक्षण परिसरों में भी आंदोलन और भूख हड़ताल जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संगठन का कहना है कि ऐसी स्थिति बनने की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार की होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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