एचपीटीडीसी होटलों के निजीकरण पर भाजपा ने प्रदेश सरकार को घेरा
शिमला, 04 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में एचपीटीडीसी (हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम) के होटलों को निजी हाथों में दिए जाने के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। भाजपा के पूर्व मंत्री डॉ. राजीव सहजल और प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि इस मामले में सरकार के भीतर तालमेल की कमी साफ दिखाई दे रही है।
डॉ. राजीव सहजल और संदीपनी भारदाज ने शनिवार को एक बयान में कहा कि एक ओर एचपीटीडीसी के अध्यक्ष आरएस बाली की ओर से यह कहा जा रहा है कि उन्हें होटलों के निजीकरण की जानकारी नहीं है, जबकि दूसरी ओर सरकार की ओर से इन्हें निजी हाथों में देने की प्रक्रिया की बात सामने आ रही है। उन्होंने इसे सरकार की “कन्फ्यूजन की स्थिति” बताया और कहा कि इससे लोगों के बीच गलत संदेश जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एचपीटीडीसी के होटल प्रदेश के पर्यटन ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं, और इन्हें घाटे का कारण बताकर निजी हाथों में देना प्रदेश की संपत्तियों को कमजोर करने जैसा कदम है। उनके अनुसार, एक तरफ इन होटलों के निर्माण और मरम्मत पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इन्हें निजी क्षेत्र को देने की तैयारी सवाल खड़े करती है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि सरकार पहले संस्थानों को कमजोर करती है और बाद में उन्हें घाटे में दिखाकर निजीकरण की दिशा में बढ़ती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के नेताओं के अलग-अलग बयान यह संकेत देते हैं कि इस मुद्दे पर सरकार के भीतर स्पष्टता नहीं है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच उठाएगी और यदि एचपीटीडीसी होटलों को निजी हाथों में देने का फैसला वापस नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में इसका विरोध किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

