हिमाचल में आधी रात तूफान और बारिश का कहर, कई जगह बिजली गुल, अगले चार दिन अलर्ट
शिमला, 11 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मई महीने में मौसम के तेवर लगातार कड़े बने हुए हैं। रविवार आधी रात के बाद राज्य के कई हिस्सों में तेज अंधड़, गरज-चमक और भारी बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। शिमला, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, बिलासपुर और ऊना समेत कई जिलों में तेज हवाएं चलीं, जिससे कई जगह बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कई स्थानों पर बिजली की तारें टूट गईं, पेड़ों की टहनियां सड़कों पर गिर गईं और कुछ जगह पेड़ भी उखड़ गए। हालांकि अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
बीती रात आए तूफान के कारण कई इलाकों में लोग रातभर जागते रहे। तेज हवाओं और बारिश के चलते कई जगहों पर बिजली गुल रही। मौसम विभाग के अनुसार सुंदरनगर, सियोबाग और बिलासपुर में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई। शिमला, सुंदरनगर, कांगड़ा, भुंतर, मुरारी देवी और जुब्बड़हट्टी में बिजली चमकने की घटनाएं भी सामने आईं।
हालांकि सोमवार दिन में मौसम मिला-जुला बना रहा। कई जगह बादल छाए रहे, जबकि कुछ इलाकों में धूप भी निकली। प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश होती रही। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी भी दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई है। शिमला और मनाली जैसे पर्यटन स्थलों पर लोग मई में भी गर्म कपड़ों में नजर आए।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 15 मई तक राज्य में खराब मौसम का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 11 और 12 मई को कई क्षेत्रों में बारिश, ओलावृष्टि और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चल सकता है। इसके लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 13 से 15 मई तक भी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। 16 और 17 मई को भी मौसम खराब रहने का अनुमान है।
बीते 24 घंटों में गुलेर और पंडोह में सबसे ज्यादा 41-41 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कांगड़ा में 32 मिमी, सराहन में 30, जोगेंद्रनगर में 29, घुमरूर में 27, भुंतर और पालमपुर में 25-25, मंडी में 22 और खदराला में 20 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।
मौसम के बदले मिजाज का असर तापमान पर भी पड़ा है। शिमला का न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री, मनाली में 11.6, धर्मशाला में 10.9 और केलांग में 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे चल रहा है, जिससे मैदानी इलाकों में भी गर्मी और हीटवेव से राहत बनी हुई है।
बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ गई है। शिमला, कुल्लू और मंडी के ऊपरी इलाकों में सेब और अन्य गुठलीदार फलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं निचले इलाकों में गेहूं की कटाई और पिसाई का काम प्रभावित हुआ है। कई जगह खेतों में पड़ी गेहूं की फसल बारिश से भीग गई है।
मौसम विभाग ने लोगों को अगले तीन से चार दिन तक सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

