हिमाचल प्रदेश में सितम्बर में बर्फबारी, किन्नौर-शिमला में बढ़ी ठंड
शिमला, 26 सितंबर (हि.स.)। कई दिनों तक शुष्क मौसम रहने के बाद हिमाचल प्रदेश में शनिवार को मौसम ने करवट ली। जनजातीय जिला किन्नौर के ऊंचाई वाले इलाकों में सितंबर के आखिर में अचानक बर्फबारी हुई, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई। प्रदेश के दूसरे ऊंचे पर्वतीय इलाकों में भी हल्की बर्फबारी की रिपोर्ट है। शिमला समेत कई क्षेत्रों में बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
कल्पा और ताबो में 10 डिग्री तक गिरा अधिकतम तापमान
किन्नौर के कल्पा में अधिकतम तापमान में करीब 10 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई और यह 13.3 डिग्री सेल्सियस रहा। ताबो में भी अधिकतम तापमान 11 डिग्री गिरकर 13.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। राजधानी शिमला का अधिकतम तापमान 0.6 डिग्री गिरकर 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शनिवार को प्रदेश के औसतन अधिकतम तापमान में 0.7 डिग्री की गिरावट आई और यह सामान्य से 0.6 डिग्री नीचे रहा। शिमला में हुई बारिश के बाद मौसम ठंडा हो गया। निचले इलाकों में उमस भरी गर्मी से भी लोगों को राहत मिली।
27 सितंबर को सिरमौर में ऑरेंज, सात जिलों में येलो अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 27 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान आठ जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक के साथ भारी बारिश की भी संभावना है।
सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और किन्नौर में येलो अलर्ट रहेगा। सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
28 सितंबर को तीन जिलों में येलो अलर्ट
28 सितंबर को शिमला, सोलन और सिरमौर में येलो अलर्ट रहेगा। 29 सितंबर के बाद मौसम को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। 30 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच मध्यवर्ती पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और मानसून की बची हुई सक्रियता से मौसम में बदलाव आया है। मानसून अब अंतिम चरण में है और आने वाले दिनों में इसके प्रदेश से विदा होने की स्थिति बन सकती है।
धर्मशाला में 46 मिलीमीटर बारिश
पिछले 24 घंटे में कांगड़ा जिला मुख्यालय धर्मशाला में सबसे अधिक 46 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। भरेड़ी में 18 मिलीमीटर, बंगाणा में 13 मिलीमीटर और धौलाकुआं में 11 मिलीमीटर बारिश हुई। बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद शिमला समेत कई पहाड़ी इलाकों के तापमान में गिरावट आई है।
भूस्खलन से 39 सड़कें बंद
बारिश के कारण प्रदेश में कुछ स्थानों पर सड़क और बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार शनिवार शाम तक भूस्खलन के कारण 39 सड़कें बंद थीं। इनमें मंडी की 18 सड़कें शामिल हैं। केंद्र के अनुसार राज्य में इस समय कोई बिजली ट्रांसफार्मर और पेयजल योजना बाधित नहीं है।
बारिश से जुड़े हादसों में 369 लोगों की मौत
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार इस मानसून सीजन में बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 369 लोगों की मौत हो चुकी है। चार लोग लापता हैं और 615 लोग घायल हुए हैं। शिमला में सबसे अधिक 56 मौतें दर्ज की गई हैं। कांगड़ा और चंबा में 45-45, सिरमौर में 42, मंडी में 37, कुल्लू में 33, लाहौल-स्पीति में 25, सोलन और ऊना में 24-24, किन्नौर में 19, हमीरपुर में 10 और बिलासपुर में नौ लोगों की मौत हुई है।
इनमें 220 मौतें सड़क हादसों में हुई हैं। वहीं 149 लोगों की जान भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, डूबने, बहने, फिसलने और बारिश से जुड़े अन्य हादसों में गई है। मानसून के दौरान 579 मवेशियों की भी मौत हुई है।
मानसून में 3,219 करोड़ रुपये का नुकसान
मानसून के दौरान प्रदेश में 144 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 527 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 18 दुकानें, छह घराट और 497 पशुशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। राज्य में चल और अचल संपत्ति को कुल 3,219 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। इसमें लोक निर्माण विभाग को सड़कों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने से 2,744 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
सामान्य से करीब 10 फीसदी कम बारिश
इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 10 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों से मानसून कमजोर रहा है और अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में बारिश के एक-दो दौर के बाद मानसून के प्रदेश से विदा होने की स्थिति बन सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

