हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी, 23 जनवरी तक बरसेंगे बादल, येलो अलर्ट जारी
शिमला, 17 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से जारी सूखे जैसे हालात के बाद आखिरकार मौसम ने करवट ले ली है और इसकी शुरुआत ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से हुई है। इससे पूरे राज्य में ठंड का असर एक बार फिर तेज हो गया है। बीती रात से लाहौल–स्पीति, किन्नौर और कुल्लू के ऊंचे क्षेत्रों में हिमपात का सिलसिला शुरू हो गया है। रोहतांग, शिंकुला और बारालाचा दर्रों पर लगातार बर्फ गिर रही है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार लाहौल–स्पीति जिले के हंसा में करीब तीन सेंटीमीटर ताजा बर्फ दर्ज की गई है, जबकि केलांग, कुकुमसेरी और गोंदला में भी हल्की बर्फबारी हुई है। इस बीच राजधानी शिमला और पर्यटन नगरी मनाली में घने बादल छाए हुए हैं और यहां भी बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। इसे लेकर स्थानीय लोग और पर्यटन से जुड़े कारोबारी उम्मीद लगाए बैठे हैं, क्योंकि इस पूरे शीतकालीन मौसम में अब तक इन दोनों प्रमुख हिल स्टेशनों पर बर्फ नहीं गिरी है। राज्य के मैदानी और मध्य पर्वतीय इलाकों में भी बादलों की आवाजाही बनी हुई है।
मौसम विभाग ने आज किन्नौर और लाहौल–स्पीति जिलों के लिए बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में बारिश और बर्फबारी को लेकर भी येलो अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग का अनुमान है कि 23 जनवरी तक प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात होता रहेगा, वहीं 22 और 23 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ के और सक्रिय होने से बारिश व बर्फबारी की तीव्रता बढ़ सकती है। मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण आया है, जो उत्तर भारत के ऊपर असर दिखा रहा है।
पिछले करीब तीन महीनों से राज्य में पर्याप्त बारिश और बर्फबारी न होने के कारण सूखे जैसे हालात बन गए थे। इसका सीधा असर रबी सीजन की फसलों, खासकर गेहूं पर देखा जा रहा है। इसके अलावा सेब उत्पादक क्षेत्रों में भी चिंता बढ़ी हुई है क्योंकि पर्याप्त ‘चिलिंग आवर्स’ न मिलने से सेब के पौधों की सेहत और आगामी उत्पादन पर असर पड़ सकता है। जलस्रोतों और नदियों के जलस्तर में आई गिरावट से जलविद्युत परियोजनाओं में बिजली उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में ताजा बर्फबारी और बारिश से किसानों, बागवानों और बिजली क्षेत्र से जुड़े लोगों को राहत की उम्मीद है। साथ ही यदि शिमला और मनाली में भी बर्फ गिरती है तो इससे पर्यटन कारोबार को रफ्तार मिल सकती है, क्योंकि लंबे समय से बर्फबारी का इंतजार कर रहे पर्यटक एक बार फिर पहाड़ों का रुख कर सकते हैं।
तापमान की बात करें तो बादलों के कारण राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में उछाल आया है और यह सामान्य से करीब 2.4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। शिमला में शनिवार को न्यूनतम तापमान करीब 8.4 डिग्री, मनाली में 7.1 डिग्री, सुंदरनगर में 7.2 डिग्री, भुंतर में 7.8 डिग्री, कल्पा में 4.2 डिग्री, धर्मशाला में 2.8 डिग्री, ऊना में 5.3 डिग्री, नाहन में 6.8 डिग्री, पालमपुर में 5.5 डिग्री, सोलन में 5.0 डिग्री, मंडी में 6.3 डिग्री, कांगड़ा में 5.6 डिग्री और बिलासपुर में 4.5 डिग्री दर्ज किया गया है, जबकि जनजातीय इलाकों में कुकुमसेरी और ताबो जैसे क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे क्रमशः -1.6 व -2.6 डिग्री बना हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

