हिमाचल में 19 अगस्त तक भारी बारिश का खतरा, कई जिलों में येलो और ओरेंज अलर्ट
शिमला, 14 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और मौसम विभाग ने 19 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 14, 17 और 18 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है, जबकि 15, 16 और 19 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 20 अगस्त के लिए किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 14 अगस्त को राज्य के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 15 और 16 अगस्त के लिए येलो अलर्ट रहेगा। इसके बाद 17 और 18 अगस्त को फिर से ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 19 अगस्त को येलो अलर्ट रहेगा, जबकि 20 अगस्त को मौसम से संबंधित कोई चेतावनी नहीं है। मौसम विभाग ने ओरेंज अलर्ट वाले दिनों में लोगों को नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 91.1 मिलीमीटर वर्षा धर्मशाला में रिकॉर्ड की गई। धर्मशाला एडब्ल्यूएस में 60.0 मिलीमीटर, बिलासपुर जिले के नैना देवी में 44.6 मिलीमीटर, मंडी जिले के जोगिंदरनगर में 35.0 मिलीमीटर, सोलन जिले के नालागढ़ में 34.0 मिलीमीटर, बिलासपुर जिले के ब्रह्माणी में 27.6 मिलीमीटर तथा बिलासपुर सदर में 25.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर गरज के साथ बारिश भी हुई। जुब्बड़हट्टी, मुरारी देवी, जोत, सुंदरनगर और कांगड़ा में बिजली चमकने की घटनाएं दर्ज की गईं।
लगातार बारिश के कारण प्रदेश में जनजीवन प्रभावित हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार सुबह तक भूस्खलन और मलबा आने से 140 सड़कें बंद रहीं। इनमें मंडी जिले में 52, कुल्लू में 37 और चंबा में 29 सड़कें अवरुद्ध हैं। इसके अलावा 244 पेयजल योजनाएं और 46 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हैं। मंडी जिले में 212 पेयजल योजनाएं ठप होने से कई क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। सिरमौर जिले के राजगढ़ क्षेत्र में 35 ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित है।
राजधानी शिमला में शुक्रवार सुबह से बादल छाए हैं। राज्य के अन्य हिस्सों में कहीं बादल छाए रहे तो कहीं रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय बना रहेगा और कई क्षेत्रों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है।
मानसून सीजन के दौरान 30 जून से अब तक प्रदेश में बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 177 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 271 लोग घायल हुए हैं। इस अवधि में 81 कच्चे और पक्के मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। इसके अलावा 292 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। 14 दुकानें और 243 पशुशालाएं भी नष्ट हुई हैं।
राज्य में चल और अचल संपत्ति को अब तक 955 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। विभिन्न विभागों में सबसे अधिक क्षति लोक निर्माण विभाग को हुई है। विभाग को अकेले 717 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है। लगातार सक्रिय मानसून और आगामी दिनों के लिए जारी अलर्ट को देखते हुए प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

