हिमाचल में दो दिन भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, मानसून से अब तक 14 लोगों की मौत
शिमला, 04 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिन मानसून काफी सक्रिय रहने के आसार हैं। राजधानी शिमला व आसपास के इलाकों में आज सुबह से हल्की वर्षा हो रही है। मौसम विभाग ने 6 और 7 जुलाई के लिए कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों को नदी-नालों के पास नहीं जाने, भूस्खलन संभावित इलाकों से दूरी बनाए रखने और मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी है। उधर, मानसून के दौरान प्रदेश में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। कई सड़कें, बिजली और पेयजल सेवाएं भी प्रभावित हैं।
मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दिन सोलन और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 5 जुलाई को भी अधिकांश क्षेत्रों में बारिश जारी रहने का अनुमान है। इस दिन कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा।
सबसे अधिक चिंता 6 और 7 जुलाई को लेकर जताई गई है। 6 जुलाई को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसी दिन ऊना, हमीरपुर, चंबा और कुल्लू जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। 7 जुलाई को कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और हमीरपुर जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बिलासपुर, ऊना, चंबा, कुल्लू और सोलन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। 8 और 9 जुलाई को भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है और इन दोनों दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
10 जुलाई को फिलहाल किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है, हालांकि कई स्थानों पर बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
बीते 24 घंटों के दौरान मानसून की रफ्तार कुछ धीमी रही और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा दर्ज नहीं हुई। सबसे अधिक 55 मिलीमीटर बारिश कसौली में रिकॉर्ड की गई। इसके बाद मनाली में 51, चंबा के भटियात में 45.3, धर्मपुर (सोलन) में 42.4, शिमला के सराहन में 39.5, कोटखाई में 31.1, चंबा के सलूणी में 26.2, जुब्बड़हट्टी में 25.6, जोत में 21.2, भरमौर में 16.2 और ऊना के भरवाईं में 14 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
शिमला, जुब्बड़हट्टी, सुंदरनगर, कांगड़ा और कुफरी में गरज के साथ बिजली चमकने की घटनाएं भी दर्ज की गईं। कहीं भी ओलावृष्टि या बर्फबारी नहीं हुई।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार शुक्रवार शाम तक प्रदेश में 49 सड़कें बंद थीं। तीन बिजली ट्रांसफार्मर और 23 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित रहीं।
30 जून से शुरू हुए मानसून सीजन में अब तक वर्षा जनित घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 24 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में पांच लोगों की जान फिसलने से गई, एक व्यक्ति बह गया, तीन लोगों की करंट लगने से मौत हुई, दो लोगों की सड़क हादसों में जान गई और तीन अन्य कारणों से मौत हुई। इस दौरान नौ कच्चे मकान और पांच पशुशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से अगले कुछ दिन विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी सलाह का पालन करने के लिए कहा गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

