हिमाचल में मानसून की सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश, 22 सितंबर से पूरे प्रदेश में मौसम साफ
शिमला, 19 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून अब विदाई की ओर है। राज्य में पिछले दो दिनों से बारिश नहीं हुई है और शनिवार को भी अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 20 और 21 सितंबर को ऊंचाई वाले क्षेत्रों को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहने का अनुमान है। 22 से 25 सितंबर तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। इस दौरान मानसून की औपचारिक विदाई हो सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने बताया कि हिमाचल में अभी मानसून की सक्रियता बनी हुई है, लेकिन यह कमजोर है। उन्होंने कहा कि राज्य से मानसून की विदाई की सामान्य तारीख 25 सितंबर के आसपास रहती है। इस साल मानसून ने जून के अंत में हिमाचल में दस्तक दी थी। अब तक प्रदेश में सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। राज्य में मानसून के दौरान औसतन 631 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 701 मिलीमीटर रहती है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बिलासपुर, किन्नौर, कुल्लू, शिमला और सिरमौर में मानसून के दौरान सामान्य से अधिक बारिश हुई है। वहीं चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति, मंडी, सोलन और ऊना में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। शिमला जिले में सामान्य से सबसे अधिक 15 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है, जबकि लाहौल-स्पीति में सामान्य से 63 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। सितंबर में अब तक प्रदेश में सामान्य से सात फीसदी कम बारिश हुई है। इस दौरान कांगड़ा, किन्नौर, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन में सामान्य से अधिक बारिश हुई है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार शनिवार शाम तक प्रदेश में भूस्खलन के कारण 55 सड़कें और एक बिजली ट्रांसफार्मर बंद था। मंडी में 28, कांगड़ा में 10 और कुल्लू में नौ सड़कें बंद रहीं। कम बारिश के बावजूद इस मानसून में राज्य को चल और अचल संपत्ति का करीब 3,217 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। इसमें लोक निर्माण विभाग की सड़कों और पुलों को हुआ 2,744 करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है।
मानसून के दौरान अब तक बारिश से जुड़े हादसों और सड़क दुर्घटनाओं में 329 लोगों की मौत हुई है, जबकि 567 लोग घायल हुए हैं और चार लोग लापता हैं। मृतकों में 196 की जान सड़क हादसों में गई है। वहीं, 133 लोगों की मौत भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, डूबने, बहने, फिसलने और अन्य बारिश से जुड़े हादसों में हुई है। इस दौरान 139 मकान, 17 दुकानें और 492 पशुशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके अलावा 521 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

