हिमाचल में मानसून की सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश, 13 सितंबर से फिर सक्रिय होगा

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हिमाचल में मानसून की सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश, 13 सितंबर से फिर सक्रिय होगा


हिमाचल में मानसून की सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश, 13 सितंबर से फिर सक्रिय होगा


शिमला, 09 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के आंकड़ों के अनुसार जून से 09 सितंबर तक राज्य में मानसूनी बारिश सामान्य से कम रही है। प्रदेश में मानसून ने 30 जून को दस्तक दी थी और सितंबर के अंत तक इसके सक्रिय रहने की संभावना रहती है।

जिलावार आंकड़ों के अनुसार लाहौल-स्पीति में सामान्य से 99 फीसदी कम बारिश हुई है। चंबा में बारिश सामान्य से 64 फीसदी कम रही। ऊना में सामान्य से 31 फीसदी और कुल्लू में 22 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।

दूसरी ओर सिरमौर में मानसून सबसे अधिक मेहरबान रहा है। यहां सामान्य से 68 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई। किन्नौर में सामान्य से 73 फीसदी अधिक बारिश हुई है। हमीरपुर में बारिश सामान्य से 23 फीसदी, मंडी में 21 फीसदी, शिमला में 10 फीसदी और कांगड़ा में नौ फीसदी अधिक रही। सोलन में सामान्य से दो फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य के चार जिलों में सामान्य से कम और आठ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है।

पिछले साल हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान सामान्य से 39 फीसदी अधिक बारिश हुई थी। इस वर्ष मानसून की रफ्तार अब तक पिछले साल की तुलना में कम रही है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों में मानसून के कमजोर रहने के आसार हैं। 10 से 12 सितंबर तक प्रदेश के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है, जबकि अन्य क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। 13 सितंबर से मानसून के फिर सक्रिय होने का अनुमान है। इस दौरान पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 14 और 15 सितंबर को बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। मौसम विभाग ने 15 सितंबर तक प्रदेश में भारी बारिश को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया है।

बुधवार को भी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिनभर बादल छाए रहे। कुछ स्थानों पर बारिश भी हुई। पिछले 24 घंटों के दौरान सिरमौर के धौलाकुआं में सबसे अधिक 40 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा के गुलेर और धर्मशाला में 20-20 मिलीमीटर तथा सुजानपुर टीहरा में 10 मिलीमीटर बारिश हुई।

बारिश के कारण प्रदेश में कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बुधवार सुबह तक भूस्खलन के कारण प्रदेश में 70 सड़कें बंद थीं। इसके अलावा 19 ट्रांसफार्मर और दो पेयजल योजनाएं भी प्रभावित रहीं। मंडी में 37, कुल्लू में 11 और कांगड़ा में 10 सड़कें बंद थीं। मंडी जिले के देहरा उपमंडल में 17 और शिमला जिले के रामपुर में दो ट्रांसफार्मर बंद रहे। रामपुर में दो पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुईं।

राज्य में इस मानसून सीजन के दौरान बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 285 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 510 लोग घायल हुए हैं। तीन लोग अभी लापता हैं। मृतकों में 171 की जान सड़क हादसों में गई है, जबकि भूस्खलन, बाढ़, फ्लैश फ्लड और अन्य बारिश संबंधी घटनाओं में 114 लोगों की मौत हुई है।

बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं से प्रदेश में 124 घर पूरी तरह ध्वस्त हुए हैं, जबकि 496 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 17 दुकानें और 464 पशुशालाएं भी क्षतिग्रस्त या ध्वस्त हुई हैं। मानसून सीजन में राज्य को अब तक करीब 1,550 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। इसमें लोक निर्माण विभाग को हुआ 1,131 करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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