हिमाचल से अगले 24 घंटे में विदा होगा मानसून, 6 से 8 अक्टूबर तक आंधी-बिजली और बारिश का अलर्ट

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हिमाचल से अगले 24 घंटे में विदा होगा मानसून, 6 से 8 अक्टूबर तक आंधी-बिजली और बारिश का अलर्ट


शिमला, 02 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में करीब तीन महीने से सक्रिय दक्षिण-पश्चिमी मानसून अब विदाई की तैयारी में है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं और अगले 24 घंटे में हिमाचल प्रदेश से मानसून के पूरी तरह विदा होने की संभावना है। मानसून की विदाई के बीच शुक्रवार को प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में मौसम साफ रहा और तेज धूप खिली। मैदानी क्षेत्रों में धूप के कारण उमस बढ़ी, वहीं शिमला में भी दिन के समय उमस महसूस की गई। मौसम विभाग ने 3 से 5 अक्तूबर तक प्रदेश के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

6 से 8 अक्तूबर तक आंधी-बिजली और बारिश का अलर्ट

मानसून की विदाई के बाद मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। पांच अक्तूबर से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम खराब होने के आसार हैं। छह से आठ अक्तूबर के बीच गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार छह अक्तूबर को तेज हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इस दिन ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, शिमला और सिरमौर में येलो अलर्ट बताया गया है। सात और आठ अक्तूबर को भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। राज्य के ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में छह से आठ अक्तूबर के बीच बर्फबारी के भी आसार हैं। इससे तापमान में गिरावट के साथ ठंड बढ़ सकती है।

बिजाही में आठ मिलीमीटर बारिश, ताबो सबसे ठंडा

पिछले 24 घंटों में मंडी जिले के बिजाही में आठ मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान में लाहौल-स्पीति का ताबो प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 3.9, कल्पा में 4.4, केलांग में 7.6, मनाली में 11.1, कुफरी में 11.5 और शिमला में 15.4 डिग्री सेल्सियस रहा। ऊंचाई वाले इलाकों में रात के तापमान में गिरावट के साथ ठंड का असर बढ़ने लगा है।

45 सड़कें और 45 ट्रांसफार्मर अभी भी बंद

उधर, राज्य में हाल में हुई भारी बारिश का असर कई क्षेत्रों में अभी बना हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में 45 सड़कें और 45 बिजली ट्रांसफार्मर अभी भी बंद हैं। मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 27 सड़कें और 39 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं। मानसून सीजन में बारिश से जुड़े हादसों में प्रदेश में अब तक 380 लोगों की मौत हुई है, जबकि चार लोग अभी लापता हैं। हादसों में 635 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में 226 की जान सड़क हादसों में गई, जबकि 154 लोगों की मौत भूस्खलन, अचानक बाढ़, डूबने, बहने, फिसलने और बारिश से जुड़े अन्य हादसों में हुई है। इस दौरान 882 मवेशियों की भी मौत हुई है।

मानसून से 3,220 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन

राज्य में मानसून से करीब 3,220 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। बारिश और आपदा की घटनाओं में 148 मकान पूरी तरह और 537 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 18 दुकानें, छह घराट और 500 पशुशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। लोक निर्माण विभाग को सड़कों और पुलों को हुए नुकसान से करीब 2,744 करोड़ रुपये की क्षति का अनुमान है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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