हिमाचल में 18 जुलाई तक बारिश के आसार, शिमला में फिर भूस्खलन

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हिमाचल में 18 जुलाई तक बारिश के आसार, शिमला में फिर भूस्खलन


शिमला, 12 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में रविवार को भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 18 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। हालांकि इस अवधि के लिए किसी तरह का मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है। पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित है और सड़क, बिजली तथा पेयजल सेवाओं को सामान्य करने का काम जारी है।

बीते 24 घंटों के दौरान मंडी जिले के जोगिंदरनगर में सबसे अधिक 60 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पर्यटन स्थल मनाली में 50 मिलीमीटर, शिमला जिले के सराहन में 40 मिलीमीटर, रोहड़ू में 30 मिलीमीटर और शिमला शहर में 20 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। प्रदेश के अन्य कई क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई।

पिछले दिनों शिमला, कुल्लू, सिरमौर और किन्नौर जिलों में हुई तेज बारिश के बाद सड़कें, बिजली और पेयजल व्यवस्था सबसे अधिक प्रभावित हुई थी। सरकारी विभाग अब भी इन सेवाओं को पूरी तरह बहाल करने में जुटे हैं। राज्य भर में 100 से अधिक सड़कें अभी भी बंद हैं। कई स्थानों पर बिजली ट्रांसफार्मरों और पेयजल योजनाओं को दोबारा चालू करने का काम लगातार जारी है।

इस बीच राजधानी शिमला में रविवार सुबह एक बार फिर भूस्खलन की घटना हुई। लिफ्ट के पास कांग्रेस कार्यालय के सामने पहाड़ी से पेड़ और मलबा मुख्य सड़क पर आ गिरा। इससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीम ने मौके पर पहुंचकर पेड़ और मलबा हटाया। इसके बाद सड़क पर आवाजाही बहाल कर दी गई। एहतियात के तौर पर कार्ट रोड से सब्जी मंडी जाने वाली सड़क को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

चंबा जिले में भी रविवार को बारिश का दौर जारी रहा। जिला प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की स्थिति को देखते हुए ही घर से निकलने की अपील की है। संवेदनशील इलाकों में प्रशासन निगरानी बनाए हुए है।

उधर कुल्लू जिले में एनएचपीसी ने पार्वती-2 पावर स्टेशन के पुलगा बांध से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की जानकारी दी है। जलाशय में लगातार बढ़ रहे जलस्तर और पानी की भारी आवक की संभावना को देखते हुए रविवार शाम करीब 29 क्यूमेक अतिरिक्त पानी नदी में छोड़ा जाएगा। इसके बाद पार्वती नदी में कुल जल प्रवाह लगभग 91 क्यूमेक हो जाएगा।

एनएचपीसी ने कहा है कि यदि जलाशय में पानी की आवक और बढ़ती है तो बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ा जा सकता है, जिससे नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है। लोगों, पर्यटकों, श्रमिकों, होटल, होमस्टे और कैंप संचालकों से पार्वती नदी के किनारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। साथ ही बताया गया है कि जरूरत पड़ने पर हूटर और सायरन बजाए जाएंगे तथा आसपास के क्षेत्रों में लोगों को सतर्क करने के लिए उद्घोषणा वाहन भी तैनात किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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