हिमाचल में भूस्खलन से 110 सड़कें बंद, 21 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट

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हिमाचल में भूस्खलन से 110 सड़कें बंद, 21 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट


शिमला, 17 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता बनी हुई है और लगातार हो रही बारिश का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाओं के कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार सोमवार सुबह तक प्रदेश में 110 सड़कें यातायात के लिए बंद थीं। इसके अलावा 91 बिजली ट्रांसफार्मर और 217 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 21 अगस्त तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने 18 अगस्त के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके बाद 19 से 21 अगस्त तक भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और खड्डों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। 17 और 18 अगस्त को कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। मंडी जिले के कटौला में सबसे अधिक 74 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा चंबा के जोत में 52 मिलीमीटर, कांगड़ा जिले के धर्मशाला में 30 मिलीमीटर, शिमला जिले के सराहन में 20 मिलीमीटर और जोगिंदरनगर में 15 मिलीमीटर बारिश हुई।

बारिश के बीच चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र भरमौर से एक बड़ी घटना सामने आई है। भरमौर उपमंडल के बलोठ क्षेत्र के 84 चला में बादल फटने से अचानक पानी और मलबे का बहाव बढ़ गया। इस घटना में एक लोहे का पुल बह गया, जिससे क्षेत्र का संपर्क प्रभावित हुआ। उस समय मणिमहेश यात्रा मार्ग पर 40 से 50 श्रद्धालु रास्ते में फंस गए थे। सूचना मिलने के बाद प्रशासन और स्थानीय बचाव दल मौके पर पहुंचे और सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। प्रशासन क्षेत्र में हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

प्रदेश में सबसे अधिक असर मंडी जिले में देखा गया है। यहां 39 सड़कें बंद हैं। जिले में 28 बिजली ट्रांसफार्मर और 209 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। कुल्लू जिले में 33 सड़कें बंद हैं, जबकि चंबा में 12 और शिमला जिले में 9 सड़कें अवरुद्ध हैं।

बिजली आपूर्ति पर भी बारिश का असर पड़ा है। सिरमौर जिले के मुख्यालय नाहन क्षेत्र में 41 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं। वहीं शिमला जिले के रामपुर और चौपाल क्षेत्रों में 22 ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं। कई इलाकों में विभागीय टीमें बहाली कार्य में जुटी हुई हैं।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय बना रहेगा। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, मलबा गिरने और स्थानीय स्तर पर अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी घटनाओं की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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