हिमाचल में दिवाली तक नहीं होगी बर्फबारी, मैदानों में कोहरे ने दी दस्तक
शिमला, 02 नवंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में इस बार दिवाली तक बर्फबारी के आसार नहीं हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में आठ नवंबर तक मौसम साफ और शुष्क बना रहेगा। इसी दिन दिवाली का पर्व मनाया जाएगा। ऐसे में दिवाली पर भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में धूप खिलने की संभावना है। हालांकि, रात के तापमान में गिरावट के चलते ठंड का असर लगातार बढ़ेगा। जनजातीय और ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 1.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ताबो में भी पारा 0.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक बारिश और बर्फबारी की कोई संभावना नहीं है। दिन में धूप निकलने से मौसम सुहावना रहेगा, जबकि सुबह और रात के समय ठंड बढ़ेगी।
सुंदरनगर में 200 मीटर तक सिमटी दृश्यता, शिमला-मनाली में खिली धूप
प्रदेश में सोमवार सुबह अधिकांश स्थानों पर आसमान साफ रहा। राजधानी शिमला और पर्यटन नगरी मनाली में धूप खिलने से मौसम सुहावना बना रहा। दूसरी ओर मैदानी और घाटी वाले क्षेत्रों में सुबह के समय धुंध और कोहरे का असर बढ़ने लगा है। मंडी जिले के सुंदरनगर में सुबह घना कोहरा छाया रहा और दृश्यता घटकर 200 मीटर तक रह गई। इससे सुबह के समय सड़कों पर आवाजाही करने वालों को सतर्क रहने की जरूरत है। पिछले 24 घंटों के दौरान किन्नौर जिले के कल्पा और सांगला में हल्की बारिश भी दर्ज की गई। मौसम विभाग के तापमान आंकड़ों के अनुसार कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 1.3 डिग्री सेल्सियस, ताबो में 0.1, कल्पा में 4.2, मनाली में 7.1, कुफरी में 8.0, सेओबाग में 9.8, सोलन में 10.3, भुंतर में 10.6, शिमला, पालमपुर, बिलासपुर और बजौरा में 11.0, ऊना में 12.5, सुंदरनगर में 12.8, बरठीं में 12.9, जुब्बड़हट्टी में 13.0, धर्मशाला में 13.6, देहरा गोपीपुर में 14.0, मंडी में 14.2, कांगड़ा में 14.4, नाहन में 14.5, नेरी में 16.2, सराहन में 16.4 और पांवटा साहिब में 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नाहन का न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.0 डिग्री सेल्सियस, पालमपुर का 0.4 डिग्री सेल्सियस और बिलासपुर का 0.3 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा।
अक्टूबर में सामान्य से 15 फीसदी अधिक बारिश, कांगड़ा में सबसे ज्यादा बरसे बादल
मौसम विज्ञान केंद्र की अक्टूबर माह की रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश में इस बार सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। पूरे महीने में 25.1 मिलीमीटर सामान्य वर्षा के मुकाबले 28.8 मिलीमीटर बारिश हुई, जो औसत से 15 फीसदी अधिक है। वर्ष 1901 के बाद अक्टूबर महीने में यह 43वीं सबसे अधिक वर्षा है। इस महीने में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड वर्ष 1955 के नाम है, जब 413.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी।
जिलावार आंकड़ों के अनुसार कांगड़ा में सबसे अधिक 59.5 मिलीमीटर और किन्नौर में सबसे कम 17.0 मिलीमीटर बारिश हुई। कांगड़ा में सामान्य से 115 फीसदी अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि सिरमौर में सामान्य से 38 फीसदी कम बारिश हुई। वर्षा के वर्गीकरण में कांगड़ा और बिलासपुर में सामान्य से काफी अधिक, लाहौल-स्पीति, ऊना, हमीरपुर और सोलन में सामान्य से अधिक तथा चंबा, कुल्लू, मंडी और शिमला में सामान्य बारिश दर्ज की गई। सिरमौर और किन्नौर में बारिश सामान्य से कम रही।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

