हिमाचल में अप्रैल में भी ठंड, पहाड़ों पर हल्की बर्फबारी, पांच जिलों में अलर्ट

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हिमाचल में अप्रैल में भी ठंड, पहाड़ों पर हल्की बर्फबारी, पांच जिलों में अलर्ट


हिमाचल में अप्रैल में भी ठंड, पहाड़ों पर हल्की बर्फबारी, पांच जिलों में अलर्ट


शिमला, 11 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में अप्रैल के महीने में भी मौसम लगातार करवट बदल रहा है। प्रदेश के अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी हो रही है, जबकि शिमला और मनाली सहित कई क्षेत्रों में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने आज पांच जिलों शिमला, कुल्लू, कांगड़ा, चम्बा और मंडी में आंधी सहित खराब मौसम का अलर्ट जारी किया है। कल रविवार को भी मौसम खराब रहने की संभावना तो है, लेकिन इसके लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। वहीं 13 से 15 अप्रैल तक मौसम साफ रहने का अनुमान है, जबकि 16 और 17 अप्रैल को फिर से मौसम खराब होने के आसार हैं और 16 अप्रैल को अलर्ट जारी किया गया है।

राज्य के जनजातीय जिलों लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा के पांगी-भरमौर की पर्वत श्रृंखलाओं में हल्की बर्फबारी हो रही है। अन्य कई स्थानों पर बादलों का डेरा बना हुआ है। हमीरपुर में आज सुबह हल्की वर्षा भी हुई। निचले क्षेत्रों में अभी तक गर्मी का असर देखने को नहीं मिल रहा है। इससे लोगों को राहत तो है, लेकिन अप्रैल में ठंड के बने रहने से लोग हैरान हैं।

मौसम विभाग के अनुसार राज्य का औसतन न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चल रहा है। शनिवार को शिमला का न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस, सुंदरनगर 11.9 डिग्री, भुंतर 9.6 डिग्री, कल्पा 2.4 डिग्री, ऊना 12.6 डिग्री, नाहन 10.3 डिग्री, पालमपुर 11.0 डिग्री, सोलन 10.5 डिग्री, मनाली 5.2 डिग्री, कांगड़ा 13.6 डिग्री, मंडी 13.3 डिग्री, बिलासपुर 14.0 डिग्री, जुब्बड़हट्टी 11.4 डिग्री, कुकुमसेरी 0.9 डिग्री, भरथीं 11.8 डिग्री, पांवटा साहिब 15.0 डिग्री, सराहन 7.5 डिग्री, देहरा गोपीपुर 14.0 डिग्री और ताबो का न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

अप्रैल महीने में अब तक प्रदेश में सामान्य से कहीं अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 10 अप्रैल तक प्रदेश में सामान्य से लगभग 142 प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है। लगातार बदलते मौसम और तापमान में गिरावट के कारण लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।

मौसम के इन तेवरों का असर खेती और बागवानी पर भी पड़ने लगा है। किसान और बागवान बेमौसमी वर्षा और ओलावृष्टि की आशंका से चिंतित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इसी तरह मौसम खराब रहा तो गेहूं की फसल के साथ-साथ सेब और अन्य फलदार पौधों को भी नुकसान हो सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में आज पांच जिलों शिमला, कुल्लू, कांगड़ा, चम्बा और मंडी में गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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