हिमाचल में फिर तेज हुआ मानसून, 20 अगस्त तक अलर्ट, 114 सड़कें बंद

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हिमाचल में फिर तेज हुआ मानसून, 20 अगस्त तक अलर्ट, 114 सड़कें बंद


शिमला, 14 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। शुक्रवार को राजधानी शिमला में दो दिन बाद जोरदार बारिश हुई, जबकि सिरमौर, कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर, सोलन समेत कई जिलों में भी बारिश दर्ज की गई। कुछ क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने राज्य में 20 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताते हुए कई जिलों के लिए येलो और ओरेंज अलर्ट जारी किया है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 15 अगस्त को बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। 16 अगस्त को चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 17 अगस्त को बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 18 अगस्त को कांगड़ा और सिरमौर जिलों में भी ओरेंज अलर्ट रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि 17 और 18 अगस्त को मौसम सबसे अधिक खराब रहने के आसार हैं। इन दिनों भूस्खलन, नालों और खड्डों में जलस्तर बढ़ने तथा यातायात प्रभावित होने की आशंका है। 19 और 20 अगस्त को भी राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

बीते 24 घंटों के दौरान धर्मशाला में सबसे अधिक 91.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा धर्मशाला एडब्ल्यूएस में 60 मिलीमीटर, नैना देवी में 44.6 मिलीमीटर, जोगिंदरनगर में 35 मिलीमीटर, नालागढ़ में 34 मिलीमीटर, ब्रह्माणी में 27.6 मिलीमीटर और बिलासपुर सदर में 25.8 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।

सिरमौर जिला के कई इलाकों में बारिश का क्रम लगातार जारी है। इसे देखते हुए गिरि जटोंन डैम के गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। जिला प्रशासन ने मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों को सचेत रहने की हिदायत दी है।

लगातार बारिश और भूस्खलन का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की शाम की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 114 सड़कें बंद हैं। इनमें मंडी जिले में सबसे अधिक 39 सड़कें अवरुद्ध हैं। कुल्लू में 33, शिमला में 13, चंबा में 9, ऊना और कांगड़ा में 6-6 तथा सिरमौर में 5 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। राज्य में 250 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। अकेले मंडी जिले में 212 पेयजल योजनाएं ठप होने से कई उपमंडलों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है और प्रदेश में 10 ट्रांसफार्मर खराब हैं। इनमें शिमला जिले में 7, कुल्लू में 2 और चंबा में 1 ट्रांसफार्मर शामिल है।

मानसून सीजन के दौरान नुकसान और जनहानि का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 30 जून से अब तक बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 181 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 103 लोगों की जान सड़क हादसों में गई है। इस अवधि में 283 लोग घायल हुए हैं, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। भारी बारिश और भूस्खलन जैसी घटनाओं के कारण 82 घर, 14 दुकानें और 258 पशुशालाएं पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। इसके अलावा 302 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।

प्रदेश में अब तक 955 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। विभिन्न विभागों में सबसे अधिक क्षति लोक निर्माण विभाग को हुई है। विभाग को अकेले 717 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने मौसम की चेतावनियों को गंभीरता से लेने और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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