हिमाचल में एक हफ्ते तक भारी बारिश का अलर्ट, किन्नौर में भूस्खलन से एनएच-5 बंद

WhatsApp Channel Join Now
हिमाचल में एक हफ्ते तक भारी बारिश का अलर्ट, किन्नौर में भूस्खलन से एनएच-5 बंद


शिमला, 06 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता से बारिश का दौर जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने एक हफ्ते तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 6 और 9 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की आशंका है, जबकि 7, 8, 10, 11 और 12 अगस्त को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और लोगों को इनके आसपास नहीं जाने की सलाह दी गई है। गुरुवार सुबह शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहे, जबकि कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहा।

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 81.5 मिलीमीटर वर्षा धर्मशाला में हुई। इसके अलावा मनाली में 63 मिलीमीटर, नैना देवी में 62.8 मिलीमीटर, नाहन में 41.2 मिलीमीटर, कसोल में 32 मिलीमीटर, सराहन में 30.1 मिलीमीटर और जोगिंदरनगर में 22 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून की सक्रियता बनी रहेगी। इसके पीछे सक्रिय मानसूनी ट्रफ, पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण का संयुक्त प्रभाव जिम्मेदार है।

बारिश का असर जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में 112 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा 189 बिजली ट्रांसफार्मर और 61 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं, जिससे कई क्षेत्रों में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को बहाली का काम तेज करने के निर्देश दिए हैं, जबकि संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

उधर, जनजातीय जिला किन्नौर में बीती रात से लगातार बारिश हो रही है। इसके चलते निगुलसारी और आसपास के क्षेत्र में चट्टानें गिरने से राष्ट्रीय राजमार्ग-5 अवरुद्ध हो गया। प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही को छोटा-लंबा सोल्डिंग मार्ग से डायवर्ट किया है। मार्ग खोलने के लिए मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन लगातार पत्थर गिरने से काम प्रभावित हो रहा है।

सिरमौर जिले के पांवटा साहिब उपमंडल में एहतियात के तौर पर शिक्षण संस्थान गुरुवार को भी बंद रखे गए हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है। विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिन विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि लगातार बारिश से भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

Share this story