हिमाचल में चार दिन आंधी-बारिश का अलर्ट, 11 अक्टूबर तक बिगड़ा रहेगा मौसम
शिमला, 05 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। राज्य में छह से नौ अक्टूबर तक कई हिस्सों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने इन चार दिनों के लिए अलग-अलग जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है। मौसम में बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 11 अक्टूबर तक राज्य में मौसम खराब रह सकता है।
छह अक्टूबर को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने के साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और बारिश होने की संभावना है। सात अक्टूबर को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक, आकाशीय बिजली और बारिश का भी पूर्वानुमान है।
आठ अक्टूबर को ऊना, बिलासपुर, सोलन, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में येलो अलर्ट रहेगा। नौ अक्टूबर को मंडी, शिमला और सिरमौर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। आठ और नौ अक्टूबर को 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना है। 10 और 11 अक्टूबर को भी मौसम खराब रहने का अनुमान है, हालांकि इन दोनों दिनों के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिनों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने से तापमान में गिरावट आ सकती है। इससे पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ने की संभावना है। खराब मौसम का असर सामान्य जनजीवन के साथ कृषि और पर्यटन गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। अक्टूबर में होने वाली यह बारिश सेब सीजन के अंतिम चरण और निचले इलाकों में मक्की की कटाई को प्रभावित कर सकती है। किन्नौर को छोड़कर राज्य के अधिकतर सेब उत्पादक क्षेत्रों में सेब सीजन अंतिम चरण में है, जबकि किन्नौर में सेब सीजन शुरू होने वाला है। हिल स्टेशनों में आने वाले पर्यटकों को भी मौसम खराब होने से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। विशेष रूप से आंधी, आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है।
इस बार हिमाचल में मानसून के दौरान सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई। मानसून 30 जून को राज्य में पहुंचा था और एक जुलाई तक पूरे प्रदेश में फैल गया था। तीन अक्टूबर को मानसून ने पूरे हिमाचल से विदाई ली, जबकि इसकी सामान्य विदाई की तारीख 25 सितंबर थी।
सोमवार को राज्य में मौसम साफ रहा। हालांकि राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में 2.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। ताबो में न्यूनतम तापमान 4.8, केलांग में 7.9, कल्पा में 10, मनाली में 12.5 और शिमला में 14.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

