हिमाचल विधानसभा : शून्यकाल में उठे शिक्षा, सड़क, बस सेवा और किसानों के मुद्दे

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हिमाचल विधानसभा : शून्यकाल में उठे शिक्षा, सड़क, बस सेवा और किसानों के मुद्दे


हिमाचल विधानसभा : शून्यकाल में उठे शिक्षा, सड़क, बस सेवा और किसानों के मुद्दे


शिमला, 02 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की अंतिम बैठक में गुरुवार को शून्यकाल के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कई जनहित मुद्दे उठाए गए। अलग-अलग विधायकों ने अपने इलाकों की समस्याओं को सदन में रखते हुए सरकार से समाधान की मांग की और लोगों की परेशानियों की ओर ध्यान आकर्षित किया।

भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत मातृभाषा और स्थानीय भाषा में शिक्षा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में बच्चों की भाषाई पकड़ कमजोर होने के कारण सीधे अंग्रेजी में पढ़ाई कराना व्यावहारिक नहीं होता। उन्होंने प्राथमिक स्तर से अंग्रेजी शिक्षकों की नियुक्ति की मांग भी उठाई। इस पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने जवाब देते हुए कहा कि पहली कक्षा से ही अंग्रेजी पढ़ाई जा रही है और बैग फ्री डे के दौरान बच्चों से स्थानीय भाषा में भी संवाद किया जाता है, ताकि उनकी समझ बेहतर हो सके।

विधायक भवानी पठानिया ने स्कूलों में चल रहे गो टू सर्व स्लोगन को बदलकर गो टू लीड करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि इससे बच्चों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी। वहीं विधायक इन्द्र सिंह गांधी ने नेरचौक-डडौर और नेरचौक-रत्ती सड़कों पर ड्रेनेज व्यवस्था की कमी से लोगों को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया और इसे जल्द सुधारने की मांग की।

चुराह के विधायक डॉ. हंसराज ने अपने क्षेत्र की खराब सड़कों की स्थिति पर चिंता जताते हुए इनके शीघ्र सुधार की मांग की। विधायक अनुराधा ने गर्ग एंड गर्ग कंपनी पर निर्माण कार्य में लापरवाही के आरोप लगाए और कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।

विधायक जीत राम कटवाल ने शाहतलाई में लंबे समय से लंबित सीवरेज परियोजना को जल्द शुरू करने की आवश्यकता बताई। मलेन्द्र राजन ने छोटे ठेकेदारों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए ठोस नीति बनाने की मांग उठाई। इन्द्र दत्त लखनपाल ने किसानों से हल्दी की खरीद न होने का मुद्दा उठाते हुए संबंधित कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

विधायक त्रिलोक जमवाल ने बिलासपुर के विस्थापितों के पुनर्वास के लिए उनके साथ बैठक करने की मांग की। विनोद कुमार ने नाचन क्षेत्र की सड़कों पर बस सेवा बहाल करने की जरूरत बताई। लोकेन्द्र कुमार ने कुर्पण वैली में बरसात से प्रभावित लोगों को मुआवजा देने और किसानों को राहत प्रदान करने की मांग रखी।

विधायक रणधीर शर्मा ने विपक्षी क्षेत्रों में नाबार्ड के माध्यम से सड़कों की स्वीकृति न मिलने का मुद्दा उठाया। प्रकाश राणा ने जोगिन्द्रनगर बस अड्डे की सुरक्षा दीवार तोड़े जाने की जांच की मांग की। वहीं नीरज नैय्यर ने पहाड़ी क्षेत्रों की जरूरतों को देखते हुए 38 सीटर बसों को मंजूरी देने की आवश्यकता बताई।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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