हिमाचल विधानसभा में वंदे मातरम पर गतिरोध बरकरार, तीसरे दिन भी हंगामा, विपक्ष का वाकआउट

WhatsApp Channel Join Now
हिमाचल विधानसभा में वंदे मातरम पर गतिरोध बरकरार, तीसरे दिन भी हंगामा, विपक्ष का वाकआउट


शिमला, 24 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की तीसरी बैठक भी हंगामेदार रही। दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार को सदन की बैठक शुरू होते ही राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर विपक्षी भाजपा विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने की इच्छा जताते हुए विपक्ष पर राष्ट्रगान के अपमान के लगाए जा रहे आरोपों पर आपत्ति दर्ज कराई और सदन की वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने की मांग की। मुद्दे पर करीब आधे घंटे तक चर्चा के बाद अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू करने की व्यवस्था दी, लेकिन विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते रहे। हंगामे के बीच प्रश्नकाल चला और विपक्षी सदस्यों ने सदन से वाकआउट कर दिया।

बैठक की शुरुआत में जयराम ठाकुर ने कहा कि विपक्ष सदन में जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करना चाहता है। उन्होंने कहा कि पिछली बैठक के बाद उन्होंने अध्यक्ष से मिलकर आग्रह किया था कि सत्ता पक्ष की ओर से विपक्ष पर राष्ट्रगान के अपमान का लगाया जा रहा आरोप सत्य पर आधारित नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस आरोप को सहन नहीं कर सकता।

जयराम ठाकुर ने मांग की कि राष्ट्रगान के दौरान की वीडियो क्लिपिंग और रिकॉर्डिंग विपक्ष को उपलब्ध कराई जाए तथा इस मामले में अध्यक्ष अपनी व्यवस्था दें। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही को जानना विधायकों का अधिकार है और विपक्ष पिछले कुछ दिनों से रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि या तो वीडियो रिकॉर्डिंग सदस्यों को दी जाए या सदन की स्क्रीन पर उसे प्रदर्शित किया जाए।

संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्वाइंट ऑफ ऑर्डर और अन्य मुद्दे प्रश्नकाल के बाद उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन की कार्यवाही को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही अध्यक्ष के आदेश और संसदीय परंपराओं के तहत सत्ता पक्ष तथा विपक्ष की भागीदारी से चलती है।

चौहान ने कहा कि हिमाचल विधानसभा में सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान से और समापन राष्ट्रगीत से होने की परंपरा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने अनावश्यक मुद्दा उठाकर सदन की कार्यवाही बाधित की। उन्होंने पिछली बैठक में अध्यक्ष के कक्ष के बाहर विपक्षी सदस्यों के धरने और नारेबाजी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि मानसून सत्र सुचारू रूप से चले और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो। उन्होंने अध्यक्ष से प्रश्नकाल चलाने का आग्रह किया।

इसके बाद जयराम ठाकुर ने कहा कि विपक्ष ने राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को लेकर कोई झगड़ा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष की ओर से विपक्ष पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाए जाने से विपक्ष की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि सदन में हुई पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जयराम ठाकुर वरिष्ठ सदस्य हैं और उन्हें बताना चाहिए कि क्या सदन की वीडियो रिकॉर्डिंग इस तरह चलाने की कोई परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों का सम्मान करती है।

उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 51ए में राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान के सम्मान को नागरिकों का कर्तव्य बताए जाने का उल्लेख किया।

अग्निहोत्री ने कहा कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम का भी देश के स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों को सम्मान दिए जाने की भावना है। उन्होंने अध्यक्ष से सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि पिछले दो दिनों से राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर सदन में काफी चर्चा हो चुकी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान का प्रावधान संविधान में है और राष्ट्रगीत को भी लंबे समय से सम्मान दिया जाता रहा है।

अध्यक्ष ने वर्ष 1971 के कानून और वर्ष 2026 में किए गए संशोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि संशोधन में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के सम्मान से जुड़े प्रावधान किए गए हैं, लेकिन हाल ही में संसद में पारित संशोधन में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किसी विधानसभा में पहले राष्ट्रगान होगा या राष्ट्रगीत। उन्होंने कहा कि विधानसभाएं अपनी परंपरा और व्यवस्था के अनुसार यह तय कर सकती हैं।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि हिमाचल विधानसभा में पहले से परंपरा है कि सदन की शुरुआत राष्ट्रगान से होती है और समापन राष्ट्रगीत से। उन्होंने कहा कि उन्होंने राष्ट्रगान से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग देखी है और इसे विपक्ष को भी उपलब्ध कराया जाएगा।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि रिकॉर्डिंग में राष्ट्रगान के बाद विपक्ष की ओर से विरोध दर्ज कराया गया और इसके बाद सदन में व्यवधान हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल विधानसभा का सत्र राष्ट्रगान से शुरू होगा और राष्ट्रगीत के साथ समाप्त होगा।

विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष से कहा कि उसके सभी अन्य मुद्दे प्रश्नकाल के बाद उठाए जाएं और प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा कर दी। हालांकि विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते रहे। विपक्ष के हंगामे के बीच प्रश्नकाल शुरू हुआ, जिसमें सत्ता पक्ष के विधायकों ने हिस्सा लिया। इसके बाद विपक्षी भाजपा सदस्यों ने सदन से वाकआउट कर दिया।

सोमवार को मानसून सत्र की तीसरी बैठक थी। इससे पहले हुई दोनों बैठकों में भी भाजपा विधायकों ने राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत, विशेष रूप से वंदे मातरम को लेकर विरोध और हंगामा किया था।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

Share this story