हिमाचल विधानसभा में वंदे मातरम् पर दूसरे दिन भी गतिरोध, सोमवार तक स्थगित हुई कार्यवाही
शिमला, 22 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शनिवार को भी राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध बना रहा। सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के सदस्य इस मुद्दे पर एक-दूसरे के सामने आ गए। हंगामा और नारेबाजी जैसी स्थिति के बीच विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।
पहली बार विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर दोपहर दो बजे तक स्थगित की गई। दोपहर दो बजे सदन की बैठक दोबारा शुरू हुई, लेकिन गतिरोध खत्म नहीं हुआ। इसके बाद अध्यक्ष ने कार्यवाही सोमवार 24 अगस्त को दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।
कार्यवाही स्थगित करने से पहले विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कई बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों से सदन चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने दोनों पक्षों से शांत रहने और सदन की कार्यवाही आगे बढ़ने देने का आग्रह किया, लेकिन विवाद समाप्त नहीं हुआ।
प्रश्नकाल खत्म होने के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने वंदे मातरम् के गायन का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस आरोप से इनकार किया कि भाजपा विधायकों ने राष्ट्रीय गीत का अपमान किया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार के पास इस संबंध में कोई तथ्य है तो सदन के भीतर राष्ट्रीय गीत के समय की वीडियो रिकॉर्डिंग दिखाई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री को माफी मांगनी चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद जिस राष्ट्रीय गीत को लेकर निर्णय हुआ है, उसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि समुदाय विशेष को खुश करने के लिए इस तरह का विवाद खड़ा किया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश संविधान के आधार पर चलेगा, किसी सीडब्ल्यूडी के फरमान से नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन के अंदर और बाहर यह गलत प्रचार किया जा रहा है कि भाजपा ने राष्ट्रीय गान का अपमान किया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह आरोप तथ्यों के विपरीत है।
इसके जवाब में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्ष पर राष्ट्रीय गान के अपमान का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून सत्र की कार्यवाही शुरू होने के पहले ही दिन राष्ट्रीय गीत की मांग करना राष्ट्रीय गान का अपमान है। उन्होंने कहा कि सदन की परंपरा के अनुसार सत्र की शुरुआत राष्ट्रीय गान से और समापन राष्ट्रीय गीत से होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने देश की आजादी के लिए कुर्बानियां दी हैं और पार्टी हमेशा राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत का सम्मान करती रही है। उन्होंने भाजपा पर छद्म राष्ट्रवाद और धर्मनिरपेक्षता की बात करने का आरोप लगाया।
सुक्खू ने भाजपा पर प्रदेश सरकार के एक मंत्री के वाहन पर लगे तिरंगे के अपमान का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब मंत्री सिराज विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर थे, उस समय भी भाजपा की ओर से तिरंगे का अपमान किया गया। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के विरोध को ड्रामेबाजी बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस देशभक्त पार्टी रही है और आगे भी राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत का पूरा सम्मान करती रहेगी।
वंदे मातरम् को लेकर विवाद मानसून सत्र के पहले दिन से ही विधानसभा में बना हुआ है। दूसरे दिन भी दोनों पक्षों के अपने-अपने रुख पर कायम रहने से सदन की कार्यवाही सामान्य तरीके से नहीं चल सकी। अब विधानसभा की अगली बैठक सोमवार 24 अगस्त को दोपहर दो बजे होगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

