बाहर नौकरी करने वाले हिमाचलियों के बच्चों को राज्य कोटे देने पर विचार करे प्रदेश सरकार : विधायक इंद्रदत्त लखनपाल

WhatsApp Channel Join Now
बाहर नौकरी करने वाले हिमाचलियों के बच्चों को राज्य कोटे देने पर विचार करे प्रदेश सरकार : विधायक इंद्रदत्त लखनपाल


शिमला, 24 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को प्रदेश से बाहर नौकरी या व्यवसाय करने वाले बोनाफाइड हिमाचलियों के बच्चों को मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में राज्य कोटे का लाभ देने का मामला उठा। बड़सर के भाजपा विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने नियम 62 के तहत यह मामला उठाते हुए सरकार से ऐसे बच्चों को 85 प्रतिशत राज्य कोटे के तहत एमबीबीएस और बीडीएस सीटों पर प्रवेश की पात्रता देने पर विचार करने की मांग की।

इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि हिमाचल के बहुत से परिवार रोजगार और व्यवसाय के कारण लंबे समय से प्रदेश से बाहर रह रहे हैं। इन परिवारों के बच्चे कई बार अपनी 12वीं तक की पढ़ाई भी दूसरे राज्यों से पूरी करते हैं। दूसरे राज्यों में पढ़ाई करने के कारण उन्हें वहां के राज्य कोटे का लाभ नहीं मिल पाता। दूसरी ओर, हिमाचल में भी मौजूदा पात्रता शर्तों के कारण उन्हें राज्य कोटे में प्रवेश नहीं मिल पाता। इससे बोनाफाइड हिमाचलियों के बच्चों के सामने मेडिकल और डेंटल शिक्षा में प्रवेश को लेकर परेशानी खड़ी होती है।

उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों का हिमाचल से संबंध बना हुआ है और उनके बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए नियमों में आवश्यक राहत देने पर सरकार को विचार करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि निजी नौकरी या व्यवसाय के कारण प्रदेश से बाहर रहने वाले बोनाफाइड हिमाचलियों के बच्चों को भी राज्य कोटे की एमबीबीएस और बीडीएस सीटों के लिए उचित पात्रता दी जाए।

सरकार की ओर से सदन में बताया गया कि मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश की पात्रता से जुड़े नियम समय-समय पर बदले गए हैं। वर्ष 2013 से निजी नौकरी या व्यवसाय के कारण प्रदेश से बाहर रहने वाले बोनाफाइड हिमाचलियों के बच्चों को कुछ शैक्षणिक शर्तों में छूट दी गई थी। यह छूट वर्ष 2018-19 में वापस ले ली गई। इसके बाद वर्ष 2023 में नियमों में फिर राहत दी गई। वर्ष 2025 में सरकार ने वर्ष 2022-23 के प्रॉस्पेक्टस के अनुसार पात्रता की शर्तें जारी रखने का निर्णय लिया।

मौजूदा व्यवस्था के अनुसार निजी क्षेत्र में कार्यरत अभिभावकों के बच्चों को निर्धारित चार परीक्षाओं में से कम से कम दो परीक्षाएं हिमाचल प्रदेश के स्कूलों से पास करना जरूरी है। वहीं, केंद्र सरकार, रक्षा सेवाओं और अर्धसैनिक बलों में कार्यरत बोनाफाइड हिमाचलियों के बच्चों के लिए मौजूदा नियमों में विशेष छूट का प्रावधान है।

लखनपाल ने कहा कि निजी क्षेत्र में नौकरी करने या व्यवसाय चलाने के कारण प्रदेश से बाहर रहने वाले अभिभावकों के बच्चों को भी इसी तरह की राहत देने पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था के कारण ऐसे बच्चों को राज्य कोटे का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि उनके माता-पिता बोनाफाइड हिमाचली हैं।

इस पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह विषय सरकार के ध्यान में है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सदन में आने पर उन्हें इस मामले से अवगत करवाया जाएगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

Share this story