हिमाचल विधानसभा में गूंजा सिरमौर खदान हादसा, तीन लोगों की गई थी जान

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हिमाचल विधानसभा में गूंजा सिरमौर खदान हादसा, तीन लोगों की गई थी जान


शिमला, 01 सितंबर (हि.स.)। सिरमौर जिले के काफोटा उपमंडल के कमरौ गांव के पास बागांधार में भारी बारिश के दौरान चूना पत्थर की खदान में मलबा गिरने से हुई तीन लोगों की मौत का मामला मंगलवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में उठा। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान विधायक विक्रम सिंह ने सरकार से पूछा कि बारिश के मौसम में खदान में खनन कार्य की अनुमति थी या नहीं, इसके लिए जरूरी कागजी अनुमति ली गई थी या नहीं और हादसे के बाद अब तक क्या जांच और कार्रवाई हुई है।

जवाब में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि 18 अगस्त को अचानक हुए भूस्खलन के कारण खदान का भारी मलबा मजदूरों और वाहनों पर जा गिरा। मलबे में दबने से तीन लोगों की मौत हुई। मृतकों में दो नेपाली मजदूर और बड़वास गांव का एक ट्रक चालक शामिल था।

बारिश में खदानों में खुदाई पर रहता है प्रतिबंध

उद्योग मंत्री ने सदन में स्पष्ट किया कि बारिश के मौसम में खदानों में खुदाई का काम प्रतिबंधित रहता है। इस दौरान पौधरोपण, चेक डैम निर्माण सहित अन्य स्वीकृत कार्य किए जा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि हादसे वाली खदान के संबंधित हिस्से पर खान अधिनियम, 1952 की धारा 22(3) लागू की गई थी। इसके चलते उस विशेष हिस्से में काम नहीं किया जा रहा था।

मंत्री के अनुसार नियमों के तहत संबंधित हिस्से की ऊंचाई कम की जानी थी। भारी बारिश के कारण जमीन के ऊपरी हिस्से में पानी का अत्यधिक दबाव बन गया। इसके बाद ऊपरी हिस्सा अचानक ढह गया और मलबा नीचे आ गिरा।

केंद्र की टीम कर रही जांच, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि हादसे की जांच खान मंत्रालय, भारत सरकार और खान सुरक्षा महानिदेशालय की ओर से की जा रही है। पुलिस ने भी एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद हादसे के कारणों और नियमों के पालन की स्थिति स्पष्ट होगी।

उद्योग मंत्री ने बताया कि हादसे में मारे गए बड़वास गांव के ट्रक चालक के घर वह स्वयं गए थे। सरकार की ओर से निर्धारित मुआवजा राशि भी जारी कर दी गई है।

विधायक ने पूछा- धारा 22(3) की अवहेलना हुई या नहीं

सरकार के जवाब के बाद विधायक विक्रम सिंह ने दोबारा सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या खदान में खान अधिनियम की धारा 22(3) के प्रावधानों की अवहेलना हुई थी। इस पर उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रथम दृष्टया धारा 22(3) की अवहेलना नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है।

मंत्री ने कहा कि सरकार इस हादसे को गंभीरता से ले रही है और भविष्य में बड़ी खदानों में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सावधानी बरती जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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