बरसात के बाद हिमाचल में 800 किलोमीटर सड़कों की होगी टारिंग, 120 करोड़ खर्च होंगे

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बरसात के बाद हिमाचल में 800 किलोमीटर सड़कों की होगी टारिंग, 120 करोड़ खर्च होंगे


शिमला, 24 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में बरसात के बाद 800 किलोमीटर सड़कों की टारिंग की जाएगी। इस पर 120 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोमवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक डॉ. हंस राज के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के पास धन की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में 250 की आबादी वाले सभी गांवों को सड़क से जोड़ने की योजना है। इसके लिए पंचायतों अथवा ग्रामीणों को सरकार को भूमि उपलब्ध करवानी होगी। भूमि की गिफ्ट डीड विभाग के नाम होते ही सड़क निर्माण का काम शुरू हो जाएगा।

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 1,500 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जाना है। उन्होंने कहा कि चुराह विधानसभा क्षेत्र के गांवों को भी इसी योजना में शामिल किया जाएगा।

इससे पहले विधायक डॉ. हंस राज ने पूछा कि चुराह विधानसभा क्षेत्र के तहत कल्हेल से भल्लीघराट-नेला सड़क को जुंगराहर, हुदूंड, रैला आदि गांवों से कब तक जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि कल्हेल से शिंड मुख्य सड़क लंबे समय से स्वीकृत है और सरकार इस सड़क का काम कब तक शुरू करने का विचार रखती है।

मूल सवाल के जवाब में विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि 6.500 किलोमीटर लंबी कल्हेल-शिंड सड़क का निर्माण पर्याप्त बजट नहीं होने के कारण शुरू नहीं हो सका है। अब इस सड़क को पीएमजीएसवाई-4 के दूसरे बैच के तहत बनाने का प्रस्ताव है। इसके लिए डीपीआर तैयार की जा रही है और इसे जल्द राज्य तकनीकी अभिकरण को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।

विधायक केवल सिंह पठानिया ने अनुपूरक सवाल के माध्यम से कहा कि अलग-अलग विभागों का करोड़ों रुपये का स्क्रैप पड़ा है। उन्होंने स्क्रैप के निपटारे के लिए सभी विभागों की कमेटी बनाने और स्क्रैप नीति बनाने की मांग की।

उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि स्क्रैप को एक ही छत के नीचे कैसे लाया जाए, इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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