हिमाचल में मल्टी टास्क वर्कर के लिए एक समान नीति बनाएगी सुक्खू सरकार

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हिमाचल में मल्टी टास्क वर्कर के लिए एक समान नीति बनाएगी सुक्खू सरकार


शिमला, 01 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग विभागों, निगमों और बोर्डों में काम कर रहे मल्टी टास्क वर्कर के लिए सरकार एक समान नीति बनाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि अभी अलग-अलग विभागों में मल्टी टास्क वर्कर के लिए अलग-अलग व्यवस्था है। कहीं कर्मचारी चार घंटे और कहीं छह घंटे काम कर रहे हैं। सरकार सभी विभागों के लिए एक नीति तैयार करेगी और इसमें न्यूनतम वेतन के प्रावधान को आधार बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने विधायक आरएस बाली के सवाल के जवाब में कहा कि प्रदेश में लगभग हर विभाग, निगम और बोर्ड ने अपनी जरूरत के अनुसार मल्टी टास्क वर्कर के लिए अलग व्यवस्था बनाई है। इस कारण इन कर्मचारियों की सेवा शर्तों और मानदेय में अंतर है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से देख रही है और सभी विभागों के मल्टी टास्क वर्कर के लिए सामूहिक रूप से एक नीति बनाई जाएगी। इस नीति में मानदेय और सेवा शर्तों को एक समान करने का प्रयास किया जाएगा।

विधायक आरएस बाली ने पूरक सवाल में कहा कि जल शक्ति विभाग में मल्टी टास्क वर्कर जमीनी स्तर पर काम करते हैं। उन्होंने पैरा पंप ऑपरेटर और पैरा फिटर की सेवा व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इनके लिए आठ साल की नीति का प्रावधान है। इसके बाद वे जॉब ट्रेनी बनते हैं और दो साल और बढ़ने के बाद नियमित होने की व्यवस्था है। इसमें वरिष्ठता का 15 प्रतिशत कोटा भी है। उन्होंने इस कोटे को बढ़ाने का सरकार से आग्रह किया। बाली ने कहा कि मल्टी टास्क वर्कर के लिए अभी कोई समान नीति नहीं बनी है।

मुख्यमंत्री ने जवाब में कहा कि सरकार मल्टी टास्क वर्कर के लिए नीति बनाने पर गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विभागों में काम के घंटे भी अलग हैं। किसी विभाग में मल्टी टास्क वर्कर छह घंटे काम कर रहे हैं और किसी में चार घंटे। ऐसे में सभी विभागों के लिए एक समान नीति बनाना जरूरी है। सरकार इस नीति में न्यूनतम वेतन के आधार को शामिल करेगी।

इससे पूर्व मूल सवाल के जवाब में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि जल शक्ति विभाग में 4,100 मल्टी पर्पज वर्कर के पद भरे जा चुके हैं। इनमें वर्ष 2020-21 में 866, वर्ष 2021-22 में 1,397, वर्ष 2022-23 में 373 और वर्ष 2023-24 में 1,464 पद भरे गए हैं। इन चार वर्षों में भरे गए पदों की कुल संख्या 4,100 है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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